सहारनपुर। जिला अस्पताल में पुलिस और अस्पताल कर्मियों की लापरवाही ने मानवता को शर्मसार कर डाला। नागल क्षेत्र में हुई हत्या के बाद ग्रामीण के शव को जिला अस्पताल स्थित मोर्चरी में रख दिया गया, जहां कुत्ते शव को नोंचते रहे। मामले का खुलासा हुआ तो हड़कंप मच गया। अस्पताल कर्मियों ने अपना पल्ला झाड़ते हुए पुलिसकर्मियों की लापरवाही बताई, जबकि पुलिसकर्मियों ने इसे अस्पताल की लापरवाही बताया।
नागल क्षेत्र में शनिवार सुबह हुई मोहकम नाम के एक व्यक्ति की हत्या हो गई। पुलिस उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंची। अस्पताल में आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पंचनामा के लिए पुलिस को सौंप दिया। बताया जाता है कि पुलिस ने अस्पताल कर्मियों के सहयोग से शव को मोर्चरी में रखवा दिया। उसके बाद शव को वहीं छोड़कर चले गए।
जब तक परिजन अस्पताल पहुंचे तब तक शव मोर्चरी में ही रखा रहा। इस दौरान कुत्ते मोर्चरी में पहुंच गए और उन्होंने शव को नोंचना शुरू कर दिया। लोगों ने शव की दुर्दशा देखी तो वहां हंगामा हो गया। जिला अस्पताल एवं पुलिस कर्मियों में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही जिला अस्पताल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और इसे पुलिसकर्मियों की लापरवाही बताया।
सीएमएस डॉक्टर आशा शर्मा का कहना है कि चिकित्सकों ने कार्रवाई के बाद पंचनामा भरने के लिए शव पुलिस को सौंप दिया। पुलिसकर्मी शव को लावारिस छोड़कर चले गए। किसी को कोई सूचना नहीं दी। उनके जाने के बाद कुत्ते शव तक पहुंच गए। जबकि शव लेकर पहुंचे पुलिसकर्मियों का आरोप है कि वह कागजी कार्रवाई कराने के लिए जिला अस्पताल के कार्यालय में गए थे और अस्पताल के एक कर्मी को उस समय वहां छोड़ा गया था। लेकिन जब वह वापस आए तो अस्पताल का कोई कर्मचारी वहां नहीं था। जिस कारण कुत्ते शव तक पहुंच गए।