सहारनपुर के नानौता में चार दिन पूर्व मरे युवक के जिंदा होने की अफवाह के कारण कब्र खोदकर उसे बाहर निकालने का प्रयास किया गया। आधी कब्र खुदाई के दौरान मृतक के शरीर से दुर्गंध आई तो कब्र को फिर से बंद कर दिया गया। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
नगर के मोहल्ला शेखजादगान निवासी रईस अहमद उर्फ अदकचरा पुत्र स्व. रफीक की घर में पाले हुए सांप के डसने से छह जुलाई को मौत हो गई थी। नीम हकीमों के अलावा चिकित्सकाें ने भी उसे मृत घोषित कर दिया था।
इसके बाद परिजनों ने शव को कबाड़ी बाजार के निकट स्थित गैर ए गरीबा कब्रिस्तान में दफना दिया था। बताया जाता है कि शुक्रवार को करीब एक बजे रईस का 11 वर्षीय पुत्र उसकी कब्र के पास फातिया पढ़ने गया था।
उसके अनुसार इसी दौरान उसे कब्र से कराहने की आवाज सुनाई दी। वह डरकर भाग खड़ा हुआ और पूरा मामला घर जाकर परिजनों व आसपास के लोगों को बताया।
बस फिर क्या था। परिजन और मोहल्लेवासी मौके पर पहुंच गए। खबर लगते ही भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने कब्र को आधे से ज्यादा खोद डाला। इसके बाद मृतक के शरीर से बड़ी तेज दुर्गंध आने पर व कुछ जिम्मेदार लोगों के समझाने के बाद कब्र को दोबारा से मिट्टी डालकर ढका गया।
उधर, पुलिस ने ऐसी किसी जानकारी होने से इनकार किया है। इस संबंध में एसडीएम रामपुर मनिहारान हीरालाल यादव ने बताया कि परिजनों ने अपनी मर्जी से कब्र को खोदा है, यदि कोई आपत्ति होगी तो कार्रवाई की जाएगी।