कोतवाली के बाहर खड़ी गेंहू से लदी ट्रेक्टर-ट्रालियां।
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गांववासियों की शिकायत पर एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने सरकारी सस्ते गल्ले की गेहूं से भरी दो ट्रेक्टर-ट्रालियों पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है। डीएम के आदेश पर पकड़े गये आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया है।
बुधवार की अल सुबह करीब तीन बजे मुखबिर की सूचना पर एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने एसओ नकुड़ जितेंद्र कुमार और पुलिस को साथ लेकर नकुड़ नयागांव गंगोह रोड स्थित छापर चौराहे पर नाकाबंदी कर दो ट्रेक्टर-ट्रालियों में भरकर लाई जा रही गेंहू को पकड़ लिया तथा कोतवाली ले आए।
डीएसओ ध्रुवराज यादव तथा आपूर्ति टीम को भी जानकारी देकर कोतवाली बुला लिया गया था। आपूर्ति विभाग की टीम ने जांच में ट्रालियों में भरे गए गेहूं की बाबत जानकारी देते हुए बताया ट्रालियों में भरे 545 बोरों में करीब 327 क्विंटल गेहूं पाया गया है। दोनों ट्रालियों में सरकारी लेबल लगे गेहूं के बोरे भरे हुए थे।
डीएसओ ने पकड़ी गई ट्रालियों की जांच कर रिपोर्ट डीएम पवन कुमार को सौंपी। डीएम के आदेश पर आपूर्ति निरीक्षक ने आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं में दर्ज कराए मुकदमे में मोहनपुरा के जसवीर सिंह और शारिक व गांव कोटडा के वाजिद को नामजद किया गया है।
एसओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया है कि जसवीर सरकारी राशन डीपू होल्डर्स से गेहूं खरीद कर बाजार में बेचता है। जबकि पकडे़ गए जसवीर सिंह का कहना था कि यह गेहूं उसने अपने खेतों में उगाया था। सस्ते गल्ले का गेहूं होने की बात को उसने गलत बताया।
एसडीएम द्वारा सरकारी गेहूं पकड़े गये राशन को छुड़ाने के लिए दिनभर कोतवाली में लोगों का आना जाना लगा रहा। एसडीएम ने बताया कि उन्हें काफी दिनों से सरकारी राशन की कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही थी। राशन की कालाबाजारी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नही जाएगा। उधर, एसएसआई संजीव चौहान ने नकुड़ के टाबर तिराहे से अवैध खनन से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़ कर कोतवाली में सीज कर दिया है।