सहारनपुर के दरियापुर गांव में रविवार को राजपूतों ने एक दलित की बेटी की बारात अपने मुहल्ले से निकलते वक्त सड़क पर ट्रैक्टर ट्राली लगा कर रोक दी। सूचना पर एसडीएम और सीओ चार थानों की पुलिस लेकर मौके पर पहुंचे।
दोनों पक्षों को समझा कर बिना बैंडबाजे के बारात को निकलवाने पर राजी किया। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में बिना बैंडबाजे के ही बारात राजपूतों के मोहल्ले से निकाली गई। घटना से दोनों पक्षों में तनाव बना है।
नानौता थाना क्षेत्र के गांव दरियापुर में रविवार को दलित गुलाब सिंह की बेटी की बारात गांव खेड़ा अफगान से आई थी। दोपहर बाद नाजते गाते बाराती और घोड़ी पर सवार दूल्हा बैंडबाजे के साथ राजपूत आबादी वाले मोहल्ले से गुजरे।
आरोप है कि राजपूत समाज के लोगों ने ट्रैक्टर ट्राली को रास्ते में खड़ा कर बारात रोक दी। चेतावनी दी कि बैंडबाजों के साथ बारात को अपनी आबादी के बीच से नहीं निकलने देंगे। दलित समाज के लोग भी वहीं से बारात बैंडबाजों के साथ निकालने पर अड़ गए।
इस पर विवाद शुरू हो गया। सूचना पर तुरंत नानौता एसओ भारी पुलिस बल लेकर गांव पहुंचे। एसडीएम रामपुर मनिहारान राहुल पांडेय और तहसीलदार कौशल कुमार भी गांव पहुंचे और राजपूतों को समझाने का प्रयास किया परंतु वह नहीं माने।
काफी जद्दोजहद के बाद यह तय किया गया कि बिना बैंडबाजे के दूल्हा और बाराती यहां से निकल सकते हैं। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में बिना बैंडबाजे के ही दूल्हे और बारातियों को वहां से निकाला।
मामले की गंभीरता को देखते हए नानौता, रामपुर मनिहारान, बडगांव और तीतरों थाने की पुलिस को भी गांव में बुला लिया गया। सीओ गंगोह योगेेंद्र पाल सिंह भी मौके पर पहुंच गए। सीओ ने बताया कि दुल्हन और बारात को विदा कराने तक पुलिस गांव में तैनात किया गया है।
उधर, एसडीएम रने बताया कि बारात रोकने वालो को चिन्हित कराया जाएगा और उनके खिलाफ हर सूरत में कार्रवाई होगी। थानाध्यक्ष अवनीश यादव का कहना है कि दोनों पक्षों के कई लोगों को पहले से ही मुचलका पाबंद कर रखा है। रविवार की घटना के जिम्मेदार लोगों को पुलिस चिन्हित कर रही है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।