देवबंद में पकड़े गए थे ये नोट।
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सहारनपुर के देवबंद में इसे पुलिस की लचर कार्य प्रणाली ही कहा जाएगा कि पांच दिन पूर्व देवबंद से पकड़ा गया 20 लाख का कैश (नकदी) कहां से आया था और किसका था।
हैरानी की बात तो यह है कि पुलिस ने पकड़े गए छह लोगों से इस बाबत पूछताछ करने की बजाए उन्हें छोड़ दिया। जिस पर तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। 23 दिसंबर की देर शाम पुलिस ने नगर के अति व्यस्त मजनूवाला रोड से छह लोगों को पकड़ा था।
जिनके कब्जे से पुलिस ने प्लास्टिक की बोरी से 19.40 लाख रुपये की नकदी जब्त की थी। जिनमें 12 लाख रुपये दो हजार के नये नोट तथा 100 एवं 50 रुपये के सात लाख 40 हजार रुपये की गड्डियां थी।
लेकिन पुलिस ने कुछ ही देर बाद पकड़े गए सभी छह लोगों को छोड़ दिया। उनसे पूछताछ करने की जहमत तक नहीं उठाई गई। पुलिस अधिकारियों की माने तो यह रकम कहां से आई थी और धन किसका था? इस संबंध में आयकर विभाग ही पता लगाएगा।
लेकिन पांच दिन गुजरने के बाद भी आयकर विभाग के अधिकारी जब्त रकम के बारे में पूछताछ करने देवबंद नहीं पहुंचे। कोतवाल चमन सिंह चावड़ा ने बताया कि आयकर विभाग के हेड आफिस देहरादून सूचना दी गई थी।
लेकिन अभी तक कोई अधिकारी पूछताछ करने देवबंद नहीं आया है। लगता है आयकर विभाग भी इसे लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है। जबकि देशभर में पड़ रहे छापों में प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग को आए दिन करोड़ों की नई करेंसी जब्त हो रही है।
चर्चा तो यहां तक है कि देवबंद से पकड़ी गई रुपयों की खेप पुलिस द्वारा दर्शायी गई नकदी से कहीं ज्यादा थी। जिसमें बंदरबांट हुई है। लेकिन पुलिस इससे इंकार कर रही है।