नानौता के कुआंखेड़ा संगम पर गंगा दशहरा पर्व पर स्नान करते श्रृद्धालु।
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गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर क्षेत्र और बाहर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने कुआंखेड़ा संगम स्थल पर डुबकी लगाकर मोक्ष और कल्याण की कामना की। हालांकि पुण्य पर्व पर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई।
रविवार को ज्येष्ठ शुक्ल मास की दशमी को नानौता क्षेत्र के ग्राम कुआंखेडा में बने पवित्र संगम स्थल पर सुबह से ही महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद दान, पुण्य कर देवालयों में विशेष पूजा अर्चना की तथा हर-हर गंगे का जयघोष किया।
इस दौरान दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को हाईवे से उतरकर कई किलोमीटर की पदयात्रा करनी पड़ी। संगम स्थल पर गर्मी में खुले आसमान के नीचे ही बैठना पड़ा। गांव कुआंखेडा के पूर्व प्रधान ओमबीर सिंह, रामेश्वर दत्त शर्मा, विजेंद्र पुंड़ीर, कुलदीप सिंह, विरेंद्र बंसल, केहर सिंह, देवेंद्र सिंह, रामबीर चौहान, सुबोध आदि का कहना है कि संगम स्थल को बने करीब 10 वर्ष से अधिक समय हो गया है, लेकिन आज तक प्रशासन द्वारा न तो यहां बैठने की व्यवस्था की गई है और न ही महिलाओं के कपड़े बदलने तक की व्यवस्था की गई है।