सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में ग्रामीणों के कड़े विरोध और चेतावनी के बावजूद पुलिस को अभी तक किसान सुभाष का कटा हुआ सिर नहीं मिल पाया। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने बामुश्किल ग्रामीणों को समझाकर करीब 72 घंटे बाद बिना सिर ही शव का अंतिम संस्कार कराया।
बता दें कि रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के गांव बुड्ढाखेड़ा गुर्जर में किसान सुभाष की 18 मई को खेत से अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। उसके सिर को काट कर शव को बोरे में बंद कर हिंडन नदी में फेंक दिया गया था।
21 मई को उसका शव पुलिस ने बरामद किया। लेकिन सिर नहीं मिल सका था। सोमवार शाम गांव में शव पहुंचने के बाद ग्रामीण इस बात पर अड़ गए थे कि जब तक कटा सिर बरामद नहीं होता है, वह शव का अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे।
ग्रामीणों के रुख को देखते हुए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था जबकि स्थिति पर नजर रखने के लिए एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह रामपुर मनिहारान थाने पर देर रात तक कैंप किए रहे।
मंगलवार सुबह से फिर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास शुरू किया। आखिर में सुबह 11 बजे ग्रामीणों को इस आश्वासन पर मनाया जा सका कि कटा हुआ सिर जल्द बरामद किया जाएगा और मृतक आश्रितों को आर्थिक सहायता दिलाने की कोशिश की जाएगी।
एसपी सिटी के आश्वासन पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। उधर, मंगलवार सुबह पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव के सिर की तलाश हिंडन नदी में शुरू कराई लेकिन देर शाम तक सफलता नहीं मिल सकी थी।
एसओ ने बताया कि सिर की बरामदगी तक टीमें उसे खोजने का कार्य जारी रखेंगी। उन्होंने बताया कि नामजद कराए गए तीनों आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।