सहारनपुर में मोबाइल के शौक ने तकनीकी शिक्षा के तीनों छात्रों को लुटेरा बना दिया। इनमें ग्राम जानखेड़ा निवासी हिमांशु शर्मा डी-फार्मा की शिक्षा प्राप्त कर रहा है।
गंगोह के मोहल्ला टाकान निवासी मोंटी उर्फ संजीव आईटीआई एवं बीए की पढ़ाई कर रहा है तथा गंगोह के ही ग्राम बिलासपुर निवासी गौरव कुमार बीबीए की पढ़ाई कर रहा है। एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि तीनों किसान परिवार से हैं। महंगे मोबाइल के शौक ने उन्हें लुटेरा बना दिया।
नकुड़ क्षेत्र के ग्राम बिड़वी के पास अवर अभियंता के साथ हुई लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने लूट में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से जेई से लूटे दोनों मोबाइल और एक तंमचा एवं चाकू भी बरामद किया है।
बिड़वी के पास देवबंद के मोहल्ला पठानपुरा निवासी विद्युत विभाग के अवर अभियंता मोहम्मद मुदस्सिर से 21 अप्रैल को बाइक सवार बदमाशों ने हथियारों से आतंकित कर दो मोबाइल फोन और बीस हजार रुपये लूट लिए थे। इस घटना के खुलासे के लिए सीओ विष्णुचंद्र गौतम के नेतृत्व में नकुड़ पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया।
एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे के मुताबिक पुलिस ने मंगलवार शाम सर्विलांस टीम की मदद से फंदपुरी चौकी के पास के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इन आरोपियों में हिमांशु शर्मा निवासी जानखेड़ा, मोंटी उर्फ संजीव निवासी मोहल्ला टाकान गंगोह तथा गौरव कुमार निवासी बिलासपुर शामिल हैं।
इनके पास से जेई से लूटे गए दोनों मोबाइल, एक तमंचा, कारतूस, एक चाकू तथा लूट में प्रयोग की गई बाइक बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने हथियारों से अवर अभियंता मोहम्मद मुदस्सिर को आतंकित कर दो मोबाइल फोन एवं नगदी लूटी थी तथा जेई की मोटरसाइकिल की चाबी निकालकर दूर जाकर फेंक दी थी जिससे वह पीछा न कर सके।
लूटी गई धनराशि को उन्होंने खर्च कर लिया है। घटना का खुलासा करने पर टीम को पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उधर, पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें लूट की घटना में 20 हजार रुपये नहीं मात्र 100 रुपये ही मिले थे। 100 रुपये में से तीनों ने 30 रुपये का गन्ने का जूस पी लिया और 70 रुपये गौरव को उसकी बाइक के लिए दे दिए।
पुलिस पूछताछ में छात्रों ने बताया कि महंगी तकनीकी शिक्षा दिलाने के लिए बेटे गौरव कुमार को उसके पिता ने को बीबीए में एडमिशन दिलाया। लेकिन पढ़ाई करने की बजाय, गौरव हर समय मोबाइल फोन में ही लगा रहता था।
जिस पर पिता ने उससे मोबाइल छीन लिया। मोबाइल छिनने से गौरव परेशान हो गया और अपने दोनों दोस्तों हिमांशु और मोंटी उर्फ संजीव को बुलाकर मोबाइल लूटने की योजना बनाई।