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गोवंश कटान पर तनाव

Sat, 02 Jul 2016 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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The police arrived at the intersection of its progeny. - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में रमजान में अलविदा जुमे के दिन गांव चकवाली में एक घर में की जा रही गोकशी की सूचना पर मौके पर पहुंचे हिंदु संगठन के कार्यकर्ताओं पर विशेष समुदाय के लोगों ने हमला बोल दिया।
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जिसमें तीन कार्यकर्ता घायल हो गए। एक को गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। उधर, इस घटना की सूचना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल हो गया।

कई थानों  की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने चार हिंदू संगठन से जुडे़ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। गांव में एक बिटोड़े से मांस भी बरामद किया है।
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गांव चकवाली में हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को शुक्रवार की सुबह सूचना मिली कि एक घर में गोकशी की जा रही है। इस पर कार्यकर्ताओं ने उस घर में जाकर कटा हुआ मांस पकड़ लिया।

इस बात की सूचना जब पड़ोस के अन्य लोगों को मिली तो उन्होंने कार्यकर्ताओं को घेरकर हमला बेाल दिया। इस हमले में तीन कार्यकर्ता घायल हो गए। हमला होते देख उन्होंने भागकर अपनी जा बचाई।

इसके बाद पूरे क्षेत्र में अफवाहों का बाजार गर्म हो गया और तनाव की स्थिति बन गई। सूचना पर रामपुर, नानौता, बडगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और माहौल को सामान्य करने के लिए लाठियां फटकार कर लोगों को खदेड़ा।

पुलिस ने गांव के बाहर स्थित विद्युत घर पर एकत्रित हुए कुछ हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे एसपी सिटी संजय कुमार ने थानाध्यक्ष एके त्यागी से गांव के माहौल के बारे में जानकारी ली।

इसके बाद गांव में आरपीएफ को तैनात किया गया है। उधर, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की सूचना पर पूर्व विधायक डॉ. मामचंद लांबा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजीत राणा, रणदीप पुंडीर सहित बड़ी संख्या में भाजपा और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता थाने पहुंचे।

एसपी सिटी संजय कुमार, सीओ हरिप्रकाश कसाना से मिले और पुलिस कार्यप्रणाली पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस गोकशी की घटनाओं में आरोपियों पर कार्रवाई न कर उल्टे गोकशी पकड़ने वालों के विरुद्घ ही मुकदमे दर्ज कर रही है।

उन्होंने थानाध्यक्ष पर भी आरोप लगाए कि उन्होंने जिला पंचायत सदस्य अनील कोरी सहित चार युवकों को हिरासत में लिया है। उनका इस घटना से कोई वास्ता नहीं था। हंगामे की स्थिति बनती देख देर शाम पुलिस ने चारों कार्यकर्ताओं को बिना कार्रवाई के छोड़ दिया।
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