थाने के ठीक सामने हथियारों से लैस बदमाशों ने डकैती और हत्या की वारदात को निर्मम तरीके से अंजाम दिया। इस दौरान दो चौकीदारों की पिटाई की और एक व्यक्ति केे पीट-पीट कर मार डाला। इससे इनके चीखने-चिल्लाने की आवाजें आई होंगी।
इसके अलावा ट्रैक्टर को जाते वक्त एजेंसी से बाहर निकालने के लिए मेन गेट को बाहर की तरफ से किसी वाहन से धक्का देकर खोला गया। ऐसे में तय है कि एजेंसी में रात में शोर थाने तक पहुंच रहा होगा लेकिन इस रोड के दूसरे किनारे पर स्थित थाने में मौजूद पुलिस बेखबर रही।
चिलकाना क्षेत्र में नये साल के शुरू होते ही अपराधियों की पूरी फौज उतर आई है। डकैती, लूट, चोरी, हत्या से पूरा चिलकाना क्षेत्र थर्रा गया है। अपराधियों द्वारा पुलिस को चौतरफा दी गई चुनौती, पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रही है।
थाने के सामने एजेंसी के मेन गेट पर टक्कर मारकर उसे खोला गया। कारण, क्योंकि मेन गेट में ताला ज्यों का त्यों लगा हुआ था एवं हत्था मुड़ गया था। थाने के सामने हुई इस घटना ने पुलिस गश्त की भी पोल खोल दी। इस वारदात के बाद भी अफसरों की लापरवाही से लोगों में गुस्सा है।
देर रात वारदात के बाद सुबह 11 बजे एसपी सिटी और शाम पांच बजे एसएसपी ने पहुंचे। ऐसे में चौकीदारों एवं एजेंसी मालिक से वारदात की जानकारी ली। इससे पहले फारेंसिक टीम ने घटना स्थल पर पहुुंचकर कई स्थानों के प्रिंट लिए थे।
पहले भी हुई थी वारदात
लक्ष्मी राइस मिल में एक साल पहले भी चोरी की वारदात हुई थी, जिसका खुलासा आज तक नही हुआ है। उस समय चोर शिवालिक बीज संस्थान के गोदाम से 110 बोरे गेहूं ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर ले गए थे। चोरी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी, लेकिन खुलासा आज तक नहीं हुआ।
वरिष्ठ आईएएस के चाचा हैं
पवन कुमार सिंघल प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के विभाग सिंचाई विभाग में प्रमुख सचिव दीपक सिंघल के चाचा हैं। आईएएस के परिवार में वारदात की पूरे जिले में चर्चा है।
रात में करीब तीन बजे पुलिस को डकैती एवं हत्या की सूचना मिल गई थी। यह पुलिस की तत्परता ही कही जा सकती है कि वरिष्ठ आईएएस के परिजनों के यहां वारदात होने के बाद भी सीओ और एसपी सिटी सात घंटे बाद मौके पर पहुंच सके।
डकैती को लूट में दर्ज करती है पुलिस
कानूनी बारीकियों का फायदा उठाकर पुलिस बड़ी वारदातों के बाद कागजी क्राइम कंट्रोल करने की भरसक कोशिश करती है। चिलकाना की घटना के बाद पुलिस ने लूट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इससे साफ है कि वारदात की संजीदगी को कम करने और क्राइम कंट्रोल के लिए पुलिस ने कागजी खेल किया है।
लूट और डकैती की वारदातों में बदमाशों की संख्या, उसके तरीके से ही उसकी पहचान होती है। पुलिस वारदातों के बाद बदमाशों की संख्या कम करके डकैती की वारदात को लूट में दर्ज करती है।
चिलकाना में तीन बदमाश अंदर आए थे और चौकीदारों ने तीन बदमाशों के बाहर होने की बात बताई थी। मगर, पुलिस ने एजेंसी के बाहर बदमाशों की पुष्टि से इनकार कर दिया। डकैती की वारदात को पुलिस ने लूट में दर्ज कर लिया।