कचहरी परिसर स्थित सदर हवालात से रोशनदान तोड़कर फरार हुए चार बंदियों में से चिलकाना पुलिस ने तीसरे बंदी असलम को ग्राम दौलतपुर से गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी ने फरार असलम पर पांच हजार का इनाम घोषित किया हुआ था। असलम के पास से एक तमंचा एवं चार कारतूस बरामद किए हैं।
चार जनवरी को कचहरी में पेशी पर लाए गए बंदियों में से चार बंदी हवालात के रोशनदान और लोहे की ग्रिल तोड़कर फरार हो गए थे। फरार बंदियों में थाना चिलकाना के गांव दौलतपुर खजूरी निवासी असलम भी शामिल था। पुलिस ने दो बंदियों नदीम उर्फ बिल्लू सांडा एवं हारुन को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। जबकि दो बंदी असलम और बेसर फरार चल रहे थे।
एसएसपी भारत सिंह यादव ने बताया कि बुधवार को चिलकाना पुलिस को फरार तीसरे बंदी पांच हजार रुपये के इनामी असलम के दौलतपुर में होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस सुबह 7 बजे ही ग्राम दौलतपुर में पहुंच गई और गांव में मौजूद असलम की घेराबंदी कर ली।
असलम ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने असलम निवासी ग्राम दौलतपुर खजूरी को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से एक तमंचा और चार कारतूस बरामद किए। उन्होंने बताया कि असलम किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। ग्राम दौलतपुर खजूरी निवासी असलम पर चिलकाना, बेहट और सदर बाजार कोतवाली में पांच मामले दर्ज हैं।
एसएसपी ने बताया कि उनकी ओर से सभी फरार बंदियों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया था, जबकि डीआईजी की ओर से सिर्फ नदीम उर्फ बिल्लू सांडा तथा हारुन पर 12 हजार का ईनाम घोषित किया गया था। जो पकड़े जा चुके हैं। अब सिर्फ पांच हजार का ईनामी बेसर ही पकड़ा जाना शेष है।
तीन एक साथ रहे थे आरोपी
एसएसपी ने बताया कि फरार हुए चार बंदियों में से फरारी के बाद एक बंदी नदीम उर्फ बिल्लू सांडा तो अलग चला गया था, जबकि तीन बंदी हारुन, असलम और बेसर एक साथ चले गए। फरार होने के बाद से ही तीनों साथ रहे थे। बाद में अलग-अलग होते चले गए।