मजदूरी के पैसों को लेकर घाटमपुर गांव में दो पक्षों के बीच उपजे विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस दौरान लाठी-डंडे व धारदार हथियार चले और अवैध असलहों से फायरिंग तक की गई। संघर्ष में छह लोग घायल हो गए।
मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकार कर झगड़ रहे लोगों को खदेड़ा और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। एक पक्ष की तहरीर पर एक ग्रामीण और उसके चार बेटों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर किया गया है।
जानकारी के मुताबिक नकुड़ कोतवाली के इस गांव निवासी शारिक पुत्र वादिल के गांव के ही राज मिस्त्री दिलशाद की ओर तीन दिन की मजदूरी के करीब एक हजार रुपये बकाया थे। दिलशाद की साली प्रवीन के अनुसार शुक्रवार की शाम शारिक पैसे मांगने दिलशाद के पास आया था।
इस दौरान दिलशाद व शारिक के बीच कहासुनी हो गई जिसके बाद शारिक ने अपने साथियों की मदद से दिलशाद के साथ मारपीट कर उसे घायल कर दिया था। दूसरी ओर शारिक पक्ष के अनीस का कहना है कि शनिवार की सुबह उनके पक्ष का सरवर शौच के लिए जंगल जा रहा था तो दिलशाद पक्ष के लोगों ने उस पर लाठी डंडों व धारदार हथियार से हमला कर दिया था।
शोर शराबा सुनकर गांव के कुछ लोग घटनास्थल पर पहुंचे। इसी दौरान हमलावरों ने गोली चला दी जो सादिन पुत्र नसीम के हाथ में लग गई। जबकि छर्रे लगने से सरवर, वादिल, वाकिल, यासीन, शराफत भी घायल हो गए।
गांव में फायरिंग की सूचना पर चौकी प्रभारी दीपक चौधरी मय फोर्स मौके पर पहुंचें तथा झगडे़ में शामिल पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। चौकी प्रभारी के अनुसार पुलिस ने दिलशाद के यहां से तमंचा भी बरामद किया।
पुलिस ने घायलों को नकुड़ सीएचसी में भर्ती कराया जहां से सादिन व सरवर को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। शारिक पक्ष की ओर से जिंदा ने घटना की तहरीर पुलिस को दी है।
कोतवाली प्रभारी नकुड़ सुशील सैनी ने बताया कि दिलशाद, नौशाद, बबलू, तंवर पुत्रगण तैयब और तैयब पुत्र यूसुफ के खिलाफ विभिन्न संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।