सहारनपुर बड़गांव के लुकादड़ी गांव में पांच वर्ष पूर्व सुभाष पुत्र खचेडू व उसके बेटे अजय फौजी की हत्या भी ठीक इसी अंदाज में हुई थी। तभी से मृतक सुभाष के बेटों एवं भतीजों की दिलों में बदले की चिंगारी धधक रही थी जो मंगलवार को दोहरे हत्याकांड के रुप में सामने आई।
पुलिस के अनुसार गांव लुकादड़ी में 12 बीघा जमीन को लेकर वर्ष 2012 में सुभाष व महावीर के बीच खूनी रंजिश में सुभाष व उसके फौजी बेटे काला उर्फ विजय की गांव के मंदिर के समीप दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी।
मृतक सुभाष के भाई अजीत ने महावीर, सतवीर, जगवीर पुत्रगण शंकर अमरपाल, साधू, गौरव, अंकित निवासी लुकादड़ी सहित करीब दस लोगों को नामजद किया था। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था।
दो वर्ष पहले ही आरोपी महाबीर, सतबीर आदि कोर्ट से बेल पर आए थे। हत्याकांड के बाद से ही मृतक सुभाष के परिजनों के अंदर बदले की ज्वाला धधक रही थी। आरोपियों के बेल पर आने के बाद तो यह और तेज हो गई थी।
बताया जाता है कि बाप-बेटे की हत्या का मुकदमा आखिरी स्टेज पर चल रहा था शीघ्र कोर्ट का फैसला आना था, लेकिन सुभाष के परिजन खुद ही इंतकाम लेने का मन बना चुके थे।
रविवार को मृतक सुभाष के भतीजे विवेक पुत्र अजीत की शादी हुई थी। इसमें विवेक व उसका भाई रिंकू दोनों सेना से छुट्टी लेकर घर आए हुए थे। घर में कल ही आयी नई नवेली दुल्हन को भी उन्होंने पूरी योजना के तहत मंगलवार की सुबह ही उसके घर भेज दिया।
शादी के दूसरे दिन ही महावीर पक्ष से बदला लेने के लिए मृतक सुभाष के परिजनों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर महावीर के परिवार का जो भी सामने आया उसे अपना शिकार बना डाला।
इस जघन्य वारदात के बाद मामले में हत्यारोपी बनाए विवेक व रिंकू की मां सलोचना को फौजी बेटों के बदला लेने पर गर्व है। एसएसपी बबलू कुमार के समक्ष सलोचना ने साफ कहा कि फौजी घर पर हो या सीमा पर वह अपने दुश्मन से बदला जरूर लेता है।
मेरे बेटों ने भी आज यह बदला ले लिया है जिसका हमें कोई अफसोस नहीं हैं। अगर बेटे बदला नहीं लेते तो वह खुद उनको मार कर जेल चली जाती। मृतक सुभाष की पत्नी भी बेटों द्वारा पति व बेटे की हत्या का बदला लेने पर खुशी जाहिर कर रही है।