सहारनपुर में मंगलवार को महाराणा प्रताप भवन पर हुई तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में राजपूत संघ के जिलाध्यक्ष ठाकुर रामबोल सिंह ने बसपा के पूर्व विधायक रविंद्र मोल्हू पर भीड़ को भड़काने और चंद्रशेखर पर भवन में तोड़फोड़ कर तमंचे से फायर करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।
राजपूत समाज के लोगों ने पुलिस और प्रशासन को कार्रवाई के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। मल्हीपुर रोड पर स्थित रामनगर में मंगलवार हुए बवाल के दौरान उपद्रवियों ने महाराणा प्रताप भवन में तोड़फोड़ कर भवन के एक कक्ष में आग लगा दी थी।
राजपूत सभा के जिलाध्यक्ष ठाकुर रामबोल सिंह का आरोप है कि 250-300 लोग हाथों में तलवारें, लाठी, डंडे, सरिये एवं तमंचे लेकर नारे लगाते हुए एवं फायर करते हुए महाराणा प्रताप भवन में घुस गए और शब्बीरपुर की घटना का बदला लेने की बात कहते हुए उसमें तोड़फोड़ और आगजनी की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे आगे भीम आर्मी का तथाकथित संस्थापक चंद्रशेखर था जो भीड़ को उकसा रहा था। चंद्रशेखर ने भी सबके साथ मिलकर कमरे में आग लगा दी।
जिससे कमरे में रखे हुए दो बेड, 15-16 कुर्सियां, मेज एवं अन्य कीमती सामान जलकर राख हो गया। स्टोर में भी आग लगा दी, जिससे स्टोर में रखा सामान भी जलकर राख हो गया।
भवन में लगे नल उखाड़ लिए और 8 फीट ऊंची दीवारों को गिरा दिया गया। लोहे का गेट तोड़ दिया गया। जब गिल कालोनी निवासी यशपाल राणा, नवीन नगर निवासी तेज सिंह, जेल चुंगी निवासी अमर सिंह ने उन्हें ऐसा करने से मना किया तो चंद्रशेखर ने जान से मारने की नीयत से उन पर फायर कर दिया।
ठाकुर रामबेल सिंह ने देहात कोतवाली में पूर्व विधायक रविंद्र मोल्हू और चंद्रशेखर को नामजद करते हुए लगभग 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। राजपूत समाज के लोगों ने इस मामले में एसएसपी और डीएम से मुलाकात की। उन्होंने रविंद्र मोल्हू और चंद्रशेखर को तीन दिन में गिरफ्तार करने की मांग की।