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सींचपाल की फर्जी नौकरी दिलाने वाले रैकेट का भंडाफोड़ 

Sat, 22 Oct 2016 01:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाडे़ में पकडे़ गए आरोपी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिंचाई विभाग में सींचपाल और पतरोल के पद पर नियुक्ति कराने के रैकेट का मास्टर माइंड  गाजियाबाद में तैनात सिंचाई विभाग का बाबू सुशील जाटव निकला। पुलिस ने मामले का खुलासा कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
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हालांकि मास्टर माइंड फरार है। पुलिस ने उसके पुत्र को हिरासत में लिया है। फर्जीवाड़ा लगभग 10 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। हैरत की बात यह है कि युवाओं से लाखों रुपये लेकर सरकारी नौकरी दिलवाने के लिए बिजनौर और कांधला में तीन-तीन माह की ट्रेनिंग तक करा दी गई थी।

ग्राम गुनारसा निवासी रवि कुमार ने थाना देवबंद पर गांव के ही अशोक कुमार, आशु कुमार एवं अन्य लोगों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 506 के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। उसने सींचपाल की नौकरी लगवाने के नाम पर उससे साढ़े 6 लाख रुपये लेने फर्जी ट्रेनिंग कराने का आरोप लगाया था।
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शुक्रवार को इस फर्जीवाडे़ का खुलासा करते हुए एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि पुलिस ने रवि की शिकायत पर जांच की तो इस मामले में बिजनौर के जलीलपुर विकास खंड में तैनात लिपिक भीष्म निवासी सेंदवार थाना चांदपुर, बिजनौर के ही विकास खंड कीरतपुर में तैनात लिपिक सुखराम निवासी जलीलपुर, थाना चांदपुर, सिंचाई विभाग में बाबू सुशील कुमार जाटव निवासी नीलम फैक्ट्री रोड, लोनी, गाजियाबाद का नाम सामने आया। उन्होंने बिजनौर के ब्लॉक किरतपुर और जलीलपुर में पुलिस टीम को जांच के लिए भेजा और अभिलेख जब्त कर लिए। 

पुलिस ने फर्जीवाड़े के आरोप में कीरतपुर ब्लॉक के स्थापना लिपिक सुखराम, जलीलपुर ब्लाक के स्थापना लिपिक भीष्म, सहायक लेखाकार टीकम सिंह निवासी नवादा थाना हल्दौर एवं ग्राम गुनारसा निवासी अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद टीकम सिंह को छोड़ दिया गया। जबकि सुशील जाटव फरार हो गया, उसके पुत्र ललित उर्फ चिंकू को पूछताछ के लिए लोनी से लाया गया है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि  सहारनपुर, शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद के सैकड़ों युवकों से पांच से छह लाख रुपये लेकर सींचपाल के रूप में नियुक्ति पत्र जारी किया गया।  यहीं नहीं, बिजनौर और कांधला में ट्रेनिंग तक करा दी गई थी
 
महिला बीडीओ से की गई पूछताछ      
एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि ब्लॉक पर ट्रेनिंग चल रही थी, ऐसा नहीं है कि अधिकारियों को पता न हो। इसलिए उन्होंने बिजनौर में महिला बीडीओ से पूछताछ की थी। मगर, महिला बीडीओ ने बताया कि वह 12 दिन पूर्व ही यहां आई है, उसे इस मामले में अभी जानकारी नहीं है। इसलिए उसे छोड़ दिया गया और मामले की पूरी जानकारी करने के लिए कहा।      

अन्य लोगों ने भी दर्ज कराई शिकायत
बिहारीगढ़ के ग्राम सुंदरपुर के रोबिन ने भी सुशील जाटव, सोमदत्त सैनी, अनुज वाजपेई एवं अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसके अलावा मुनीर खान निवासी मोहल्ला पठानपुरा, देवबंद, सचिन निवासी ग्राम यूसुफ थाना शिवाला कलां जनपद बिजनौर ने भी इसी प्रकार शिकायत की। 
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