सहारनपुर के गंगोह में एक विवाहिता का शव शुक्रवार की सुबह गन्ने के खेत में पड़ा मिला। उसके गले पर भी रस्सी के निशान पाए गए। युवती निकाह के बाद मायके में ही रह रही थी थी और बृहस्पतिवार की रात से लापता था।
परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव को दफनाने का भी प्रयास किया। मगर, मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाली के गांव हमजागढ़ निवासी इरशाद की 19 वर्षीय पुत्री आयशा की शादी गांव आलमपुर निवासी याकूब के पुत्र शहजाद से 26 मई 2016 को गंगोह में हुए एक जलसे में आयोजित सामूहिक शादियों में हुई थी।
निकाह के बाद वह मायके में ही रह रही थी। उसकी रुख्सती नहीं हुई थी। परिजनों के अनुसार वह बृहस्पतिवार की शाम वह अचानक घर से लापता हो गई। जिस वक्त वह घर से निकली, उस समय घर पर उसके छोटे भाई-बहन ही मौजूद थे।
देर शाम तक नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी रात भर तलाश की लेकिन उसका कुछ पता नहीं लग सका। शुक्रवार सुबह जब उसके पिता और चाचा तलाश में निकले तो घर के पास ही इकबाल के गन्ने के खेत में आयशा का शव पड़ा मिला।
उसकी मौत की सूचना उसकी ससुराल को दी गई। पता लगने पर ससुराली मौके पर पहुंच गए। इसके बाद परिजनों ने उसे सपुर्द ए खाक करने की तैयारी शुरू कर दी। इसी दौरान किसी ने पुलिस को खबर कर दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। एसआई के अनुसार आयशा के गले पर रस्सी के निशान भी पाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लड़की कुछ मंदबुद्धि भी थी। इसके बाद पुलिस ने उसके शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाली प्रभारी राजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। वे तो शव को भी दफनाने की तैयारी में जुट गए थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। यदि पीएम रिपोर्ट में कुछ भी असामान्य आता है तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।