सहारनपुर में सुप्रीम कोर्ट के एससी, एसटी एक्ट में संशोधन किए जाने के विरोध में दो अप्रैल को दलित संगठनों द्वारा भारत बंद के दौरान किए गए रास्ता जाम एवं हंगामे पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए देहात कोतवाली, नगर कोतवाली और जीआरपी थाने में 900 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
इतनी बड़ी संख्या में एफआईआर दर्ज होने के बाद दलित संगठनों में खलबली मची हुई है। भारत बंद के दौरान भीम आर्मी समेत कई दलित संगठनों ने सहारनपुर में जमकर हंगामा किया।
शहर के एक छोर पर कोर्ट रोड से लेकर दूसरे छोर बेहट रोड तक जबरन दुकानें बंद कराकर जगह-जगह जाम लगाया गया। कुछ स्थानों पर दुकानों में जबरन घुसकर तोड़फोड़ की गई।
नगर कोतवाली थाना क्षेत्र में घंटाघर पर हजारों लोगों ने न सिर्फ जाम लगाया, बल्कि कुछ लोगों के साथ हाथापाई भी की। आरोप है कि कुछ लोगों ने नेहरू मार्केट में जाकर जबरन दुकानें बंद कराईं और हंगामा किया। यहां लगभग पांच घंटे तक मार्ग अवरुद्ध किया गया।
इस दौरान लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हजारों वाहन जाम में फंस गए थे। इस मामले में नगर कोतवाली में कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार शर्मा की ओर से 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, विधि विरुद्ध जमावड़ा, निषेधाज्ञा का उल्लंघन, रास्ता जाम किए जाने तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा 147, 148, 149, 188, 341 तथा 7 सी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के बेहट रोड पर प्रदर्शनकारियों द्वारा लगभग सात घंटे तक रास्ता जाम किया गया। यही नहीं लाइट के पोल तोड़ कर रास्ते में डाल दिए। जिससे हजारों लोग जाम में फंस गए। आरोप है कि दलित संगठन के कुछ लोगों ने हाथों में डंडे लेकर जबरन दुकानों को बंद कराया।
जिस पर देहात कोतवाली में 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली प्रभारी अमरदीप की ओर से धारा 147, 148, 149, 188, 341 तथा 7 सी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
तीसरा मामला राजकीय रेलवे पुलिस थाना में दर्ज किया गया है। घंटाघर पर जाम लगा रहे युवकों का एक बड़ा हिस्सा रेलवे ट्रैक को जाम करने के लिए रेलवे स्टेशन पर जा पहुंचा। सूचना मिलते ही मौके पर जीआरपी के सिपाहियों ने मोर्चा संभाल लिया।
पहले तो दलित युवकों ने रेलवे परिसर में जमकर हंगामा किया, लेकिन जब युवकों ने ट्रैक की ओर जबरन जाने का प्रयास किया तो जीआरपी के सिपाहियों ने लाठी चार्ज कर खदेड़ा। इस दौरान जीआरपी सिपाहियों के साथ हाथापाई भी की गई।
जिससे स्टेशन पर भगदड़ मच गई। इस मामले में जीआरपी प्रभारी अशोक कुमार सिसौदिया की ओर से 400 अज्ञात लोगों के खिलाफ हंगामा करने, विधि विरुद्ध जमावड़ा करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने तथा हाथ में डंडे लेकर स्टेशन पर मौजूद पुलिस कर्मियों को धमकाए जाने के आरोप में धारा 147, 148, 186 तथा 353 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- वीडियो फुटेज से पहचान कर खोले जाएंगे नाम
देहात कोतवाली, नगर कोतवाली तथा जीआरपी तीनों थाने की पुलिस हंगामा करने वालों की वीडियो फुटेज निकलवाकर हंगामा कर रहे लोगों की पहचान कराई जा रही है। पुलिस ने फिलहाल मामला अज्ञात में दर्ज किया है। जिस-जिस की पहचान होती जाएगी, उनके नाम दर्ज होते जाएंगे। पुलिस घंटाघर के आसपास की दुकानों पर लगे सीसीटीवी की फुटेज भी एकत्रित कर रही है। जिन दुकानों को जबरन बंद कराया गया, उन दुकानों से फुटेज मंगाई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि पुलिस किसी भी दिन धरपकड़ की कार्रवाई शुरू कर सकती है। पुलिस की कार्रवाई से दलित संगठनों में हड़कंप मच गया है।
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--। दोषियों पर की जा रही है कार्रवाई
दो थाने में पुलिस ने लगभग 500 लोगों के खिलाफ अज्ञात में मामला दर्ज किया है। वीडियो फुटेज दिखवाई जा रही है। जो भी लोग दोषी होंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कानून का उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा।
-। प्रबल प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर, सहारनपुर
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-। रेलवे स्टेशन पर हंगामा करने वालों पर हुई एफआईआर
रेलवे स्टेशन पर कुछ लोगों ने जमकर हंगामा किया। जिससे स्टेशन पर दहशत का माहौल बन गया था। रेलवे कर्मचारी भी परेशान हो गए थे। रेलवे ट्रैक को जाम करने की साजिश की जा रही थी। जिस पर लगभग 400 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
-। अशोक कुमार सिसौदिया, थाना प्रभारी, जीआरपी, सहारनपुर
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