सहारनपुर में देवबंद कोतवाली पुलिस ने अंतरराज्जीय पशु चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। हालांकि गिरोह के सात सदस्य मौके से फरार हो गए। पुलिस की माने तो गिरफ्त में आए तीनों सदस्यों के खिलाफ दूसरे राज्यों में करीब 32 मुकदमे दर्ज हैं।
नगर एवं देहात क्षेत्र में बढ़ती पशु चोरी की वारदातों से लोग इतना भयभीत हो गए थे कि उन्हें पशुओं की रखवाली के लिए रात में पहरा तक लगाना पड़ रहा था। तीन माह के भीतर पशु चोर करीब नौ स्थानों पर पशु चोरी की घटना को अंजाम दे चुके थे। जिससे पुलिस भी परेशान हो चुकी थी।
आखिर पशु चोर पुलिस की गिरफ्त में आ ही गए। कोतवाल विजय प्रकाश ने बताया कि एसएसपी के आदेश पर पशु चोरों को पकड़ने के लिए एक टीम गठित की गई। बृहस्पतिवार को टीम ने बास्तम नहर की पुलिया से तीन अंतरराज्जीय पशु चोर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
जबकि उनके सात साथी मौका पाकर फरार हो गए। पुलिस ने गिरफ्त में आए लोगों के कब्जे से छह भैंस व तमंचा बरामद किया। विजय प्रकाश ने बताया कि गिरफ्त में लिए गए लोगों में बन्हेड़ा खास गांव निवासी इकराम, अहसान और इसरार शामिल हैं।
जबकि पूछताछ में इन्होंने अपने फरार साथियों के नाम गफ्फार, परवेज, ममरेज, गुलफाम, मोसीन सैय्यद और इनाम बताए हैं। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में यह भी पता चला कि गिरोह के सदस्य हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल राज्य में पशु चोरी और लूट की वारदात को अंजाम देते थे।
अभियुक्त गफ्फार के खिलाफ 20, ममरेज के खिलाफ आठ और अहसान के विरुद्ध अलग अलग राज्यों में चार मुकदमे दर्ज हैं।
एसएसपी ने पशु चोर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल उपनिरीक्षक वीपी सिंह, सचिन शर्मा, कांस्टेबिल नितिन और विपिन सैनी को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।