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फिर माहौल बिगाड़ने की कोशिश

Mon, 22 May 2017 01:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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घड़कौली गांव में बोर्ड के पास तैनात किया गया सिपाही। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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संवेदनशील गांव घड़कौली में एक बार फिर खुराफातियों ने माहौल बिगाड़ने की साजिश की। शनिवार की रात गांव के बाहर लगे डा. भीमराव अंबेडकर ग्राम लिखे संकेतक बोर्ड के नीचे आगजनी कर दी। रात में गश्त कर रही डायल-100 की गाड़ी देखकर खुराफाती हवाई फायर करते हुए फरार हो गए।
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फायर की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आग लगी देखकर भड़क गए। तनाव बढ़ता देख एसएसपी मय फोर्स गांव पहुंचे और ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया। खराब हुए बोर्ड को दिन निकलने से पहले ही पेंट करा कर पहले जैसा करा दिया गया। घटना से तनाव की स्थिति बनी है। पीएसी और आरएफ तैनात है।

गांव घड़कौली के बाहर लगे बोर्ड पर डा. भीमराव राव अंबेडकर ग्राम समेत कई और चीजें लिखी हुई हैं। शनिवार की रात करीब पौने दो बजे बाइक सवार कुछ खुराफाती युवकों ने इस बोर्ड पर पुआल एवं केमिकल डालकर आग लगाने की कोशिश की। इस दौरान डायल-100 की गाड़ी पेट्रोलिंग करते हुए उस तरफ पहुंची, जिसे देख युवक हवाई फायर करते हुए फरार हो गए। आरोप है कि गश्ती टीम खुराफातियों का पीछा करने की बजाय सीधे निकल गई।
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उधर, फायर की आवाज सुनकर ग्रामीण जाग गए और मौके पर पहुंचे तो बोर्ड पर आग लगा देखकर भड़क गए। इसकी पुलिस को भी सूचना की गई। थाना प्रभारी सुशील कुमार फोर्स के साथ गांव पहुंचे तो लोग बेहद उत्तेजित हो रहे थे। लोगों को समझाने में असफल एसओ ने तत्काल इसकी सूचना एसएसपी को दी।

एसएसपी सुभाष दूबे, एसडीएम आरके गुप्ता, सीओ ब्रिजेश सिंह फोर्स के साथ गांव पहुंचे और ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद दिन निकलने से पहले ही आनन-फानन में बोर्ड को पेंट कराकर उस पर पहले जैसी लिखाई करा दी गई। इसके बाद एसएसपी ने एक प्लाटून आरएएफ और पीएसी को गांव में तैनात कर दिया। बता दें कि  घड़कौली गांव में करीब दो साल पहले भी इसी बोर्ड को लेकर संघर्ष हुआ था। उस वक्त भी कुछ लोगों ने इस बोर्ड पर कालिख पोत दिया था।

पुलिस गश्त में लापरवाही का आरोप ःसहारनपुर। ग्रामीणों का आरोप है कि खुराफाती जब इस तरह की खुराफात कर रहे थे। उसी वक्त डायल-100 की गाड़ी पहुंची थी। खुराफाती ने फायर करते हुए गाड़ी के सामने से ही पुवांरका रोड की तरफ फरार हो गए। मगर, पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा तक नहीं किया। पीछा किया जाता तो शायद उसी वक्त वे पकड़े जाते।

रणखंडी में दौड़ी पुलिस
देवबंद। रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि रणखंड़ी गांव में एक समाज के कुछ युवक लाठी डंडों आदि से लैस होकर बैठे हैं। इससे माहौल खराब होने का अंदेशा बना हुआ है। जानकारी मिलते ही कोतवाल पंकज कुमार त्यागी भारी पुलिस फोर्स के साथ गांव में पहुंचे और इधर उधर बैठे युवकों को हड़काते हुए वहां से दौड़ा दिया। बाद पुलिस अधिकारियों ने गांव के जिम्मेदार लोगों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि शांति व्यवस्था को कायम रखना पुलिस की नहीं बल्कि सभी की जिम्मेदारी है। ऐसा कोई काम न करें जिससे आपसी सौहार्द को खतरा पैदा हो। 

भायला में दलितों के बिटौड़ें फूंके
देवबंद/बड़गांव (ब्यूरो)। भायला गांव में शनिवार की देर रात चार ग्रामीणों के बिटौड़ों में आग लगाकर चिंगारी को हवा देने का काम किया। भायला कलां निवासी राजकुमार, सुक्कड़, राजेंद्र और जयकुमार के मुताबिक नहर के पास उनके बिटौड़े बने हुए हैं। शनिवार की देर रात करीब साढ़े तीन बजे असामाजिक तत्वों ने उनमें आग लगा दी। देखते ही देखते बिटौड़ों की आग ने भयंकर रूप ले लिया।

पहले तो ग्रामीणों ने खुद आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन, जब वह सफल नहीं हुए तो पुलिस को इसकी सूचना दी गई। दमकल कर्मियों ने आग र काबू पाया। कोतवाल पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि घटना को लेकर कुछ लोगों में गुस्सा बना हुआ था। लेकिन, समझाने पर वह शांत हो गए। राजकुमार की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस तैनात की गई है।

उधर, बड़गांव में के मिर्जापुर में शनिवार की रात फिर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में किसी ने एक बिटौड़े में आग लगाकर गांव का माहौल खराब करने की कोशिश की। बिटौड़े में आग लगते ही दलितों ने ठाकुर पक्ष पर मारपीट करने का आरोप लगाकर शोर मचा दिया। पुलिस ने जांच की तो मारपीट का मामला झूठा निकला। इसके बाद ठाकुर पक्ष के अजय ने चार दलितों के खिलाफ झूठी अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाकर पुलिस को तहरीर दी। 
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