बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नाम पर एक लाख रुपये का फर्जीवाड़ा किए जाने के आरोप में अदालत ने पुलिस को एक गांव की प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
रणखंड़ी गांव निवासी प्रवीण कुमार और विष्णु ने एसीजेएम के यहां वाद दायर कर बताया था कि 28 दिसंबर 2016 को एक गांव की प्रधान ने एलान कराया था कि भारत सरकार की योजना बताकर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के फार्म भरे जाएंगे। जिसके तहत 8 वर्ष से 32 वर्ष तक की शिक्षित लड़कियों को भारत सरकार की ओर से दो लाख रुपये की धनराशि मदद के रूप में दी जाएगी।
प्रवीण कुमार का आरोप है कि प्रधान ने फार्म देने, भरने व सत्यापित कराने की एवज में सौ रुपये प्रति फार्म के हिसाब से लिए गए। उसने भी अपनी दो बेटियों के फार्म भरवाए थे। विष्णु का आरोप है कि उसने विश्वास करके ग्राम प्रधान को करीब एक हजार लड़कियों के फार्म भरने के नाम पर सौ रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से पैसे दिए थे।
बाद में पता चला कि भारत सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। दोनों का आरोप है कि जब वह उक्त प्रधान के पास पैसे मांगने गए तो उसने पैसे देने से इंकार कर दिया और जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में अदालत ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।