सहारनपुर। जमीनों पर अवैध कब्जे एवं धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने के आरोप में देवबंद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए विनोद शर्मा को लोगों ने षड्यंत्र के तहत फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की। लोगों ने विनोद शर्मा को समाजसेवी बताया।
सोमवार को दर्जनों लोग एकत्रित होकर पहले डीआईजी, फिर डीएम और फिर एसएसपी कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन डीएम को सौंपा। लोगों ने आरोप लगाया कि परशुराम सामाजिक संस्था के अध्यक्ष विनोद शर्मा के खिलाफ एक षड्यंत्र के तहत कार्रवाई की गई है। अचानक देवबंद में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई गई और तुरंत ही विनोद शर्मा को बिना उनका पक्ष सुने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि विनोद शर्मा समाज सेवी व्यक्ति हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि विनोद शर्मा के रिश्तेदार योगेश शर्मा ने एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें पुलिस ने चार्जशीट लगा दी गई थी। लेकिन आरोपी ने मुकदमा खत्म करने के लिए योगेश शर्मा पर दबाव बनाया। उस पर एक अन्य मामला गोली मारने का भी है, जिसमें आरोपी का लाइसेंस भी निरस्त करने की संस्तुति की गई थी। उसी के दबाव में विनोद शर्मा के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई। जिसका सामाजिक संस्था के लोग विरोध करते हैं और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हैं। ज्ञापन देने वालों में विकास शर्मा, विशु पंडित, प्रमोद शर्मा, सोनू शर्मा, संदीप शर्मा, सतपाल शर्मा, हिमांशु पंडित, ऋषिपाल शर्मा, उमेश कुमार, संजय, बृजमोहन शर्मा समेत अनेक लोग शामिल रहे।
भाजपा नेता भी पहुंचे विनोद शर्मा की पैरवी में
गिरफ्तार किए गए विनोद शर्मा की पैरवी के लिए लोगों के साथ भाजपा नेता ईश्वर गोयल भी पहुंचे। उन्होंने खुलकर विनोद शर्मा की पैरवी की और उसे समाजसेवी बताते हुए गलत फंसाए जाने का आरोप लगाया।