फर्जी चेक मामला : अफसरों से कर्मचारियों तक की भूमिका संदिग्ध
सहारनपुर। फर्जी चेकों से 2.66 करोड़ रुपये के भुगतान के मामले में शुरू की गई जांच में अफसरों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। जांच टीम के सामने सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि सरकारी खातों की अहम जानकारियां शातिरों तक कैसे पहुंची। जांच सही तरीके से आगे बढ़ी तो बड़े खुलासे हो सकते हैं।
बता दें कि मुजफ्फनगर-हरिद्वार मार्ग पर भूमि अधिग्रहण के भुगतान के लिए आई राशि का मालेगांव, बेलगांव, नासिक और जयपुर में फर्जी चेकों से भुगतान का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में सिटी मजिस्ट्रेट की तहरीर पर कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने इंडसइंड बैंक के अधिकारियों, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण देहरादून के कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
जांच टीम से जुड़े सूत्रों की माने तो फर्जी चेकों से पैसा निकालने वाले शातिर आरोपियों के पास चेकों से संबंधित तमाम वह जानकारियां थीं, जिनके जरिये फर्जी चेक तैयार किए गए। इन चेकों को बैंक अधिकारियों ने भी पास कर दिया और भुगतान हो गया। साफ है कि फर्जीवाड़े को मिलीभगत से अंजाम दिया गया है। पुलिस की शुरूआती जांच भी इस ओर इशारा कर रही है। जैसे-जैसे पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले खुलासे होंगे। संबंधित विभाग और बैंक कर्मचारियों को जेल जाना भी पड़ सकता है। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि मामले से जुड़े हर बिंदू की जांच की जा रही है।