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बिना लाइसेंस के प्रतिबंधित दवाइयां बेचने पर 10 साल का कारावास

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बिना लाइसेंस के प्रतिबंधित दवाइयां बेचने पर 10 साल कारावास
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सहारनपुर। बिना लाइसेंस के प्रतिबंधित एलोपैथिक दवाइयों का भंडारण किए जाने का दोषी पाए जाने पर एडीजे रविकांत ने ग्राम बुड्ढा खेड़ा कातला निवासी मो. अल्ताफ हुसैन को दस वर्ष का कारावास तथा एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता विक्रम सिंह वर्मा ने बताया कि 18 नवंबर 2011 को औषधि निरीक्षक आरएल गुप्ता ने मुखबिर की सूचना पर चिलकाना न्यू बस स्टैंड पर चांद रेस्टोरेंट के बराबर में चूरी चोकर की दुकान पर छापा मारा। छापे के दौरान दुकान पर दुधारू पशुओं को लगाया जाने वाला प्रतिबंधित ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन का स्टॉक एवं बिक्री होना पाया गया। टीम ने दुकान से ऑक्सीटोसीन के इंजेक्शन बरामद किए। जब लाइसेंस के बारे में जानकारी की गई तो उसके पास कोई लाइसेंस नहीं मिल सका। जिस पर सभी इंजेक्शनों को जब्त कर लिया गया और थाना चिलकाना पर औषधि निरीक्षक ने औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम के तहत दुकानदार ग्राम बुड्ढाखेड़ा कातला निवासी मो. अल्ताफ हसैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
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चार्जशीट के बाद मामले की सुनवाई एडीजे रविकांत की कोर्ट में की गई। सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी अल्ताफ हुसैन को दोषी पाया और बगैर लाइसेंस के एलोपैथिक दवाएं रखने तथा प्रतिबंधित अपमिश्रित दवाओं का स्टॉक करने के आरोप में दस साल का कारावास एवं एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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