ग्राम प्रधानों के चुनाव से ठीक पहले सरसावा पुलिस और आबकारी विभाग की टीमों ने यमुना पुल के पास दस टायरा ट्रक से करीब 70 लाख रुपये कीमत की अवैध शराब जब्त की है।
हरियाणा से तस्करी की यह अवैध शराब प्रधानी चुनाव में इस्तेमाल के लिए लाई जा रही थी। ट्रक में 1135 पेटियों में यह शराब थी। शराब के साथ हरियाणा और पंजाब के रहने वाले दो तस्करों को भी पकड़ा गया है।
शनिवार को दिन निकलते ही एक मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग यमुना पुल के पास दस टायरा ट्रक से कुछ संदिग्ध सामान उतार रहे हैं। सूचना मिलते ही सरसावा थाना प्रभारी बीपी सिंह, एसआई संजीव कुमार यादव और आबकारी टीम के सदस्य यमुना पुल पर पहुंचे। टीम ने यहां घेरा बनाते हुए दस टायरा ट्रक को घेर लिया। इससे वहां अफरातफरी मच गई। कुछ लोग पेटियां छोड़कर भागने लगे।
पुलिस ने मौके से दो लोगों को हिरासत में ले लिया और ट्रक को शाहजहांपुर चौकी पर लाया गया। यहां ट्रक की तलाशी ली गई तो पूरी टीम दंग रह गई। पूरा ट्रक शराब की करीब 1135 पेटियों से भरा हुआ था।
हिरासत में लिए गए लोगों ने बताया कि यह शराब यूपी में प्रधानी के चुनाव के लिए हरियाणा से मंगाई गई थी। यमुना पुल पर झबीरण के एक व्यक्ति के लिए 20 पेटी उतारकर बाकी शराब मुजफ्फरनगर लेकर जानी थी।
जिला आबकारी अधिकारी आरपी शर्मा ने बताया कि शराब की बोतलों पर चंडीगढ़ की रॉक एंड स्टार्म बॉटलर्स का लेबल लगा हुआ है। साथ ही लेबल पर सेल ओनली फॉर अरुणाचल प्रदेश लिखा हुआ है।
उन्होंने बताया कि यदि एक बोतल की कीमत 500 रुपये भी लगाई जाए तो करीब 70 लाख की यह अवैध शराब है। सरसावा थाना प्रभारी ने बताया कि अवैध शराब के साथ पकड़े गए लोगों में हरियाणा के यमुनानगर जिले के थाना साढ़ौरा क्षेत्र के गांव बकाला निवासी राजेंद्र सिंह और पंजाब के संगरूर जिले के थाना अहमदगढ़ के गांव मढ़िया निवासी इंद्रपाल सिंह हैं। मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
2000 रेपर भी बरामद किए गए
आबकारी विभाग और पुलिस का कहना है कि अवैध शराब की तस्करी के मामले की छानबीन कर अब यह पता लगाया जाएगा कि हरियाणा के किन-किन शहरों से यूपी के किन-किन जिलों यहां जनपद में किन क्षेत्रों के लिए शराब लाई जानी थी। इसके साथ ही शराब इंडस्ट्री के मालिक एवं डिलीवरी करने वालों का भी पता लगाया जाएगा। अवैध शराब के साथ ही अंग्रेजी नाम के ब्रांड वाले करीब 2000 रेपर भी बरामद किए गए हैं।