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हत्याओं के खुलासों में बनी कहानी में ही उलझ गई पुलिस

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सहारनपुर। दो सप्ताह में तीन हत्याएं हुईं और तीनों ही हत्याओं का पुलिस के खुलासे में इतने झोल रह गए कि पुलिस के पास लोगों के सवालों के जवाब नहीं मिल सके। गागलहेड़ी और बड़गांव में हुई हत्या में पुलिस बुरी तरह से उलझ गई। एक भी खुलासा लोगों के गले नहीं उतरा। पुलिस खुद को ही सही साबित करने में एक के बाद एक उपाय करने में लगी हुई है।
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बड़गांव में दो अगस्त की रात को स्कूल प्रबंधक सुभाष की बदमाशों ने अपहरण कर हत्या कर दी थी। बदमाशों ने दो लाख रुपये की फिरौती भी मांगी थी, लेकिन पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लूट के लिए हत्या की घटना बताते हुए खुलासा कर दिया। फिरौती की बात को गोलमोल कर दिया गया। चार बदमाश बताए गए। घटना के पांचवें दिन पुलिस ने दो बदमाशों को पकड़ लिया। जबकि दो आरोपियों ओमपाल और विक्की को फरार बता दिया। उन पर 25 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया। पुलिस ने ओमपाल को बड़ा बदमाश बताया और कई डकैतियों में भी शामिल बताया, लेकिन उसने बिना कुछ लूटे ही अपहरण कर हत्या कर दी। पुलिस ने ओमपाल और विक्की की गिरफ्तारी के लिए लोगों को एक सप्ताह का समय दिया था, लेकिन पुलिस फरार आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में रोष है। न तो पुलिस लूट के लिए हत्या के खुलासे से ही लोगों को संतुष्ट कर पाई और न ही फरार आरोपियों को ही पकड़ सकी। अलबत्ता मृतक सुभाष के परिजनों से पुलिस ने संतुष्टि पत्र अवश्य ले लिया। वीडियो भी वायरल कर खुलासे को सही साबित करने का प्रयास किया।
केवल यही घटना नहीं पुलिस को गागलहेड़ी में हुई हत्या ने भी पूरी तरह से उलझा दिया है। पांच अगस्त की रात में अधिवक्ता आशुतोष गुप्ता के घर सो रहे मुवक्किल मुजाहिर के साथी हनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अधिवक्ता आशुतोष ने ही पुलिस को हनी की मौत की सूचना दी। मृतक की मां आशा की ओर से दी गई तहरीर में सिर्फ मुजाहिर पर ही हत्या का आरोप लगाया गया। अधिवक्ता का कोई नाम न होने के बावजूद पुलिस ने अधिवक्ता को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया। पुलिस ने अधिवक्ता को हत्या के षड्यंत्र में शामिल बताया था, लेकिन पुलिस यहां फंस गई। अधिवक्ता को पहली ही सुनवाई पर कोर्ट से जमानत मिल गई। पुलिस कुछ भी नहीं कर पाई। अब पुलिस पर ही अधिवक्ता को फंसाने के आरोप लगने लगे हैं। पुलिस अब अपने बचाव का ही रास्ता तलाशने में लगी हुई है। पुलिस की यही स्थिति नागल में 31 जुलाई की रात हुई दो युवकों की हत्या के खुलासे को लेकर हुई है। पुलिस अधीक्षक नगर प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि पुलिस ने तथ्यों के आधार पर ही मामले का खुलासा किया है। आरोपी पकड़े भी गए हैं। पुलिस अपनी तफ्तीश कर रही है।
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