सहारनपुर। नुमाइश कैंप निवासी दो छात्रों के दुर्घटना में घायल होने के बाद सड़क पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो जाने और डायल 100 कर्मियों द्वारा अस्पताल ले जाने से इंकार किए जाने के मामले में पुलिस ने छह माह बाद चार्जशीट लगाने की तैयारी कर ली है। पुलिस जांच में तीन में से एक अथवा दो पुलिसकर्मियों को क्लीनचिट भी दी जा सकती है।
जनकपुरी थाना क्षेत्र के लिंक रोड स्थित मंगलनगर में 19 जनवरी की रात को बाइक सवार दो छात्रों अर्पित एवं सन्नी की बाइक घर जाते समय एक खंभे से टकरा गई थी। जिससे दोनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूचना मिलते ही डायल 100 की गाड़ी मौके पर पहुंची। लेकिन उन्होंने यह कहकर अस्पताल ले जाने से इंकार कर दिया कि उनकी गाड़ी गंदी हो जाएगी, फिर वे कहां बैठेंगे। दोनों छात्रों ने सड़क पर ही तड़प-तड़प ही मौत हो गई थी। इस मामले में आरोपी डायल 100 के तीनों पुलिस कर्मियों एचसीपी इंद्रपाल, कांस्टेबल पंकज और चालक मनोज को तुरंत निलंबित कर दिया गया और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी गई। इस मामले में काफी लंबी जांच चली। पुलिस सूत्रों के अनुसार छह माह बाद अब पुलिस इस मामले में आरोपियों पर चार्जशीट लगाने की तैयारी कर रही है। हालांकि पुलिस जांच में एक अथवा दो पुलिसकर्मियों को बचाने का भी प्रयास किया जा रहा है। उन्हें क्लीन चिट भी दी जा सकती है। पुलिस क्षेत्राधिकारी मुकेेश कुमार मिश्र का कहना है कि आरोपियों के बयान भी दर्ज हो चुके हैं और जांच भी की गई है। पुलिस आरोपियों पर शीघ्र ही चार्जशीट लगाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में एक पुलिसकर्मी की ही भूमिका अधिक नकारात्मक रही है। हालांकि जांच रिपोर्ट के बाद ही इसका खुलासा हो सकेगा।