सहारनपुर के कुंडा कला और लखनौती गांव में एक बार फिर बुखार ने मौत का तांडव मचाना शुरू कर दिया है। बुखार से पीड़ित कक्षा 12 की छात्रा सहित छह लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक देहरा गांव का है। ग्रामीणों में बुखार को लेकर दहशत का माहौल है। गांवों में सैकड़ों लोग अभी भी बुखार से पीड़ित हैं।
पिछले सालों की तरह इस वर्ष भी सीएचसी क्षेत्र के अतिसंवेदनशील गांव कुंडा कलां में बुखार ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। गांव निवासी ज्योति (45) को पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था।
स्थानीय चिकित्सकों से उपचार कराया गया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। सोमवार को उसकी मौत हो गई। पालाराम (40) को पिछले एक पखवाड़े से बुखार आ रहा था। परिजनों ने उसका उपचार गंगोह के एक प्राइवेट चिकित्सक से कराया, परंतु सुधार आने की बजाय उसकी हालत बिगड़ती चली गई।
परिजन उसे करनाल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस्तखार की चार वर्षीय पुत्री भूरी और तौफीक की तीन वर्षीय पुत्री अमरीना को पिछले तीन-चार दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने उनका स्थानीय चिकित्सकों से उपचार कराया। हालत में सुधार नहीं आने पर परिजन दोनों को सहारनपुर ले गए, जिनमें से एक बच्ची ने रास्ते में और दूसरी ने अस्पताल पहुंचकर दम तोड़ दिया।
उधर, गंगोह के एक स्कूल में कक्षा 12 में पढ़ने वाली गांव लखनौती निवासी 17 वर्षीय छात्रा रितु की भी बुखार से मौत हो गई। सीएचसी क्षेत्र के ही गांव देहरा निवासी 35 वर्षीय सुभाष को तीन दिन पहले बुखार आया था। उसे परिजनों ने सहारनपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां सोमवार को उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। बुखार से हुई इन मौतों के बाद ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है, उधर स्वास्थ्य विभाग में बुखार से छह लोगों की मौत होने की सूचना के बाद हड़कंप की स्थिति है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. अनवर अंसारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम खादर क्षेत्र में आए दिन दौरा कर रही है। कुंडा कलां में सोमवार को मरीजों को दवाइयां वितरित कर 80 रक्त स्लाइडें बनाई गई हैं।
ग्रामीणों ने फाफिंग कराने की मांग
गंगोह। गांव कुंडा कला के मसरूर राणा, मास्टर अब्दुल बासित, इलियास, सोंधा, राव जिलेदार व जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि गांव में सैंकडों लोग बुखार से पीड़ित है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में फांफिंग नही कराई गई है मच्छर के काटने से शरीर पर छोटा सा लाल रंग का दाना हो जाता है जो बाद में विकराल रूप धारण कर लेता है। ग्रामीणों ने गांव में कीटनाशक का छिड़काव कराने की मांग की है।