बेहट (सहारनपुर)। धार्मिक स्थल की जमीन को फर्जी तरीके से बेचकर उस पर कब्जा करने के लिए दो लोगों ने स्थल में घुस कर तोड़फोड़ की। गुरु गोरखनाथ के चित्र को फाड़कर कर धूने पर लगाए त्रिशूल को भी उठाकर फेंक दिया। इससे ग्रामीणों में रोष फैल गया। मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा होने और आरोपियों में एक दूसरे समुदाय का व्यक्ति शामिल होने के चलते पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनका चालान कर दिया।
बेहट कोतवाली क्षेत्र के बुबका गांव में श्रवण पुत्र कुमार पुत्र फग्गन सिंह के खसरा नंबर 95 में मकान व खाली जगह है। इस खाली जमीन में श्रवण ने गुरु गोरखनाथ का मंदिर (पूजा स्थल) बना रखा है। रात के वक्त गांव के अरुण पुत्र प्रेम सिंह व नसीम पुत्र सालिम पूजा स्थल में घुसे और तोड़फोड़ की। आरोप है, कि धूने पर लगे गुरु गोरखनाथ के त्रिशूल को भी उखाड़ कर जमीन पर कब्जे का प्रयास किया। इसका पता चलने पर ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंच गई। धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली इस घटना से ग्रामीणों में रोष फैल गया। ग्रामीण कोतवाली पहुंचे और घटना की सूचना पुलिस को देते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामला धार्मिक स्थल से जुड़ा होने और आरोपियों में एक दूसरे समुदाय का व्यक्ति शामिल होने के चलते तुरंत कार्रवाई की। दोनों आरोपियों को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली प्रभारी एमपी सिंह ने बताया कि अरुण और नसीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनका चालान कर दिया गया है। धार्मिक उन्माद फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
इन्सेट के लिए प्रस्तावित
बेहट। बुबका गांव में धार्मिक स्थल की भूमि पर कब्जे करने का प्रयास बड़े विवाद कारण बनने से बच गया। अरुण इसी तरह से लोगों की खाली पड़ी जमीन पर कब्जे की नीयत रखता। कोतवाली प्रभारी एमपी सिंह ने बताया कि श्रवण ने जिस जगह में पूजा स्थल बनाया है, उस जगह को उसने आरोपी अरुण के चाचा से वर्ष 2001 में खरीदी थी, जिसके कागजात भी श्रवण के पास। इसी जमीन को अरुण ने फर्जी तरीके से नसीम को बेच दिया और नदीम को साथ लगाकर धार्मिक स्थल को तोड़फोड़ दिया।