बेहट (सहारनपुर)। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की बेहट शाखा के प्रबंधक एवं फील्ड अफसर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए क्षेत्र के ग्राम प्रधानों एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से लेकर बैंक अधिकारियों एवं क्षेत्रीय सांसद से शिकायत की है। आरोप है, कि बैंक में प्राइवेट लोग बैठाए गए हैं, जिनके माध्यम से शाखा प्रबंधक एवं फील्ड अफसर जहां कृषि कार्ड ऋण स्वीकृति के नाम पर दस प्रतिशत ले रहे हैं, वहीं शाखा के अंदर लगाए गए प्राइवेट कर्मचारी भी ऋण की धनराशि जमा कराने के लिए ब्याज का धंधा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री से की गई शिकायत में रुहालकी के ग्राम प्रधान सुशील कुमार, रुहालका के ग्राम प्रधान बिलाल, हरिपुर गांव की प्रधान मंजू, ग्राम प्रधान ललेतश, विनोद कुमार, कपिल कुमार, मोहन, मांगेराम, मोहम्मद राशिद, पवन कुमार, मुबारिक आदि ने शिकायत की है। उनका कहना है कि सुविधा शुल्क लिए बिना कोई भी ऋण स्वीकृत नहीं किया जाता। शाखा में प्राइवेट लोग बैंककर्मियों की तरह काम कर रहे हैं। उनके माध्यम से किसानों से कृषि कार्ड के ऋण स्वीकृति के नाम पर दस प्रतिशत की घूस शाखा प्रबंधक एवं फील्ड अफसर द्वारा ली जा रही है। घूस न देने की स्थिति में किसानों को शाखा के चक्कर कटवाए जाते हैं। शाखा के अंदर ही ब्याज का काम किया जा रहा है। एक प्राइवेट कर्मचारी शाखा के अंदर कृषि कार्ड का समय पूरा होने पर गरीब किसानों से धनराशि जमा करने के लिए ब्याज लेता है। शाखा के अंदर ही खुलेआम घूसखोरी और ब्याजखोरी की जा रही है। इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री के अलावा सांसद, एफजीएमओ से भी की गई है। शिकायतकर्ताओं ने आरोपों की जांच कराकर आरोपी शाखा प्रबंधक, फील्ड अफसर एवं प्राइवेट कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। आरोप निराधार है। प्रतिदिन दस से बारह केसीसी आदि ऋण संबंधी फाइलें स्वीकृत की जा रही है, जिन लोगों की फाइलों में कमी होती है, उनके ऋण स्वीकृत नहीं किए जाते। वहीं लोग शिकायत कर रहे है।