आतंकी इनपुट के बाद खुफिया विभाग सक्रिय
सहारनपुर। पश्चिमी यूपी में आतंकियों के अनपुठ के बाद खुफिया विभाग सक्रिय हो चुका है। खासकर सहारनपुर के देवबंद, मुजफ्फरनगर, शामली में खुफिया विभाग की टीमें लगी हुईं हैं। केंद्रीय एजेंसियां भी सक्रिय हैं और संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
सहारनपुर और देवबंद में खुफिया विभाग की टीमें संदिग्धों की तलाश में लगी हुईं हैं। हालांकि देवबंद से एटीएस और एसटीएफ द्वारा पकड़े गए तीन संदिग्धों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। लेकिन आतंकी इनपुट होने के चलते अन्य संदिग्धों की तलाश में खुफिया विभाग सक्रिय कर दिया गया है। सहारनपुर में केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी लगी हुईं हैं। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि मिश्रित आबादी में ही फिलहाल संदिग्धों के रहने की सूचनाएं मिल रहीं हैं। अभी एटीएस और एसटीएफ की एक टीम भी देवबंद में लगी हुई है। जिससे फैजान के शीघ्र गिरफ्तार होने की संभावना जताई जा रही है।
मजबूत नेटवर्क के चलते एटीएस की नजर से हुआ फैजान अंडरग्राउंड
सहारनपुर। चार दिन से एटीएस और एसटीएफ की टीमें बांग्लादेशी आतंकी फैजान की तलाश में लगी हुईं हैं। लेकिन एटीएस और एसटीएफ को फैजान की लोकेशन नहीं मिल सकी है। आतंकी फैजान अपने मजबूत नेटवर्क का फायदा उठाते हुए अंडरग्राउंड हो गया है। बांग्लादेशी आतंकी संगठन से जुड़े फैजान को खतरनाक बताया जा रहा है। पश्चिमी यूपी में उसका नेटवर्क काफी मजबूत बताया जा रहा है। कई वर्षों से पश्चिमी यूपी में रहकर फैजान ने अपना नेटवर्क इतना बड़ा और मजबूत कर लिया कि उसे पुलिस और अन्य ऐजेंसियों के गतिविधियों की लगातार सूचना मिलती रही। जिस कारण एटीएस और एसटीएफ की रेड होने से पहले ही वह अपने आवास से ही फरार हो गया। जबकि एटीएस और एसटीएफ ने अपने पूरे ऑपरेशन को सीक्रेट रखा था। एटीएस ने दो अगस्त की रात को ही उसको पकड़ने केे लिए सबसे पहले दबिश डाली थी। लेकिन वह उससे पहले ही फरार हो चुका था। उसको पकड़ने के लिए एटीएस और एसटीएफ ने चार दिन तक देवबंद में ही डेरा डाले रखा। जब वह हाथ नहीं आया तो फिर अन्य संदिग्धों को एटीएस ने उठाया और उसके एक आतंकी साथी अब्दुल्ला को मुजफ्फरनगर से पकड़ा। एटीएस और एसटीएफ लगातार उसकी तलाश में लगी हुईं हैं। जबकि फैजान अपने मजबूत नेटवर्क के चलते अंडरग्राउंड बना हुआ है।