बड़गांव (सहारनपुर)। तहसीलदार आवास के सामने मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगाने वाले किसान की 22 दिन तक जिंदगी मौत के बीच संघर्ष करने के बाद बृहस्पतिवार की रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। देर शाम तक उसका शव गांव नहीं पहुंचा था।
बता दें कि बड़गांव थाने के गांव शब्बीरपुर निवासी जितेंद पुत्र मेघसिंह का तहसीलदार रामपुर मनिहारान की कोर्ट में जमीन को अपने ही परिवार के सदस्यों के साथ लेकर वाद चल रहा था। 31 अगस्त को जितेंद्र तहसीलदार के आवास पर पहुंचा। यहां उसने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली थी। गंभीर अवस्था में जितेंद्र को सहारनपुर में भर्ती कराया गया था जहां से उसे चिकित्सकों ने दिल्ली रेफर कर दिया था। बृहस्पतिवार रात उपचार के दौरान दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जितेंद्र की मौत हो गई। मौत के बाद उसके परिवार में कोहराम मचा है और शब्बीरपुर गांव में सन्नाटा पसरा है। देर शाम तक उसका शव गांव नहीं पहुंचा था। उधर, उसकी मौत की सूचना के बाद शुक्रवार को भाजपा की पूर्व विधायक शशीबाला पुंडीर गांव पहुंची और मृतक किसान के परिजनों से मिल कर संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के अनाप शनाप फैसले किसानों की जान ले रहे हैं। आरोपी अधिकारी के खिलाफ आज बाइसवें दिन भी जांच के बाद कार्रवाई नहीं हो सकी है। यह चिंता की बात है।