सहारनपुर। थाना प्रभारियों के चहेते बाइस पुलिस कर्मियों पर तो अवैध खनन और वसूली के मामले में कार्रवाई की गाज गिर गई है, मगर कई थाना और चौकी प्रभारियों पर कार्रवाई अभी बाकी है। एसएसपी द्वारा कराई गई गोपनीय जांच रिपोर्ट में अवैध खनन से लदे वाहनों को छोड़ने के साथ प्रति वाहन पांच सौ से लेकर तीन हजार रुपये तक की वसूली का उल्लेख किया गया है। कई थाना प्रभारियों की जेबों में अवैध खनन का पैसा जाने का जिक्र किया गया है, जबकि कई थानों को इस रिपोर्ट में क्लीन चिट भी दी गई है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के दावों के विपरीत जिले भर में अवैध खनन का गोरखधंधा थम नहीं पा रहा है। रात के अंधेरे में अवैध खनन में लगे वाहनों की कतार लगी रहती है। अवैध खनन को वर्दी का संरक्षण की शिकायतों के चलते वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने गोपनीय जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट आई तो पुलिस वसूली की पोल पट्टी खुल गई। सूत्रों के मुताबिक गोपनीय रिपोर्ट में थानेवार की जाने वाली वसूली का पूरा हिसाब-किताब दिया गया है। मसलन किस चौकी पर प्रति वाहन कितनी राशि वसूली की जा रही थी। कहां-कहां अवैध खनन से लदे वाहनों को पकड़कर छोड़ा गया है। इसके बदले पुलिस की जेब में कितनी रकम आई। रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने सरसावा, गंगोह, बिहारीगढ़, बेहट, कुतुबपुर, फतेहपुर, मंडी कोतवाली, देवबंद, नगर कोतवाली, ननौता, चिलकाना, देहात कोतवाली, सदर बाजार आदि के 22 सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। सूत्रों के मुताबिक एक-एक पुलिस कर्मियों के बारे में अवैध खनन, सट्टा, जुएं के बदले की जाने वाली उगाही का पूरा हवाला दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में कई थाना, चौकी प्रभारी समेत अन्य दरोगा के नाम भी दिए गए हैं, जो अवैध उगाही कराने में शामिल रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि वसूली करने वाले पुलिस कर्मी थाना और चौकी प्रभारियों के खास हैं, जिसका हिस्सा ऊपर तक गया है। चहेतों को तो लाइन हाजिर कर दिया गया, लेकिन अभी थाना, चौकी प्रभारी के अलावा कई दरोगाओं पर कार्रवाई होनी बाकी है। इनमें से तो कई ने हाल में ही थाने का चार्ज पाया है। यह देखना होगा कि दागदार हुए इन एसओ और दरोगा के खिलाफ कब तक क्या कार्रवाई होगी।
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कार्रवाई में नहीं हुआ भ्रष्टाचार का जिक्र
एसएसपी ने दंडित करने के नाम पर भ़ले ही 22 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया हो, मगर भ्रष्टाचार के तथ्य को छिपा लिया गया है, क्योंकि यदि कार्रवाई की पत्रावली में उसका जिक्र किया तो मजबूरन आरोपी सिपाहियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करना पड़ेगा। साथ ही पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करनी होगी।
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अवैध खनन और दूसरे तरह की किसी उगाही में संलिप्त पाए जाने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच में जिनके नाम आए है, उनके खिलाफ साक्ष्यों का संकलन चल रहा है। जल्द ही उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
बबलू कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक।