बड़गांव (सहारनपुर)। गांव मिर्जापुर में बृहस्पतिवार की देर रात नाली में सब्जी बहने को लेकर दो पक्षों में जमकर खूनी संघर्ष हुआ। लाठी डंडे और धारदार हथियार चलने से दोनों पक्ष की सात महिलाओं सहित 14 लोग गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने एक पक्ष की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ मारपीट और बलवे की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उधर, घटना में घायल एक पक्ष ने पुलिस पर मेडिकल नहीं कराने का आरोप लगाते हुए एसएसपी आफिस पर हंगामा काटा।
बृहस्पतिवार शाम थाना क्षेत्र के गांव मिर्जापुर निवासी रामचंद्र पुत्र लाल्ला के घर मेहमान आये हुए थे। रात करीब नौ बजे खाने के बाद बर्तनों को साफ करते वक्त बची हुई सब्जी को नाली में बहा दिया गया। रामचंद्र के घर पर पड़ोसी रामदास पुत्र सेठू के परिवार ने बच्चे का शौच नाली में बहाने का आरोप लगा कर विरोध दर्ज कराया। इसे लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। साथ ही धारदार हथियार चलने लगे। खूनी संघर्ष से एकबारगी गांव में अफरा तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच मामला शांत कराया और घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। इसमें रामचंद्र और उसकी पत्नी सुमित्रा, बेटी संगीता, सोनिका, विशाखा, दामाद कुलदीप, बेटा सचिन एवं संगीता गंभीर रूप से घायल हो गये। दूसरी पक्ष की ओर रामदास और उसका बेटा मांगा, कुलदीप, प्रवीण, भारती पत्नी कुलदीप, रीना पत्नी मांगा भी घायल हो गए।
वहीं, रामचंद्र पक्ष ने थाना पुलिस पर मेडिकल और तहरीर तक नहीं लेने का आरोप लगाते हुए एसएसपी सहारनपुर के यहां पहुंच चिकित्सीय परीक्षण करा रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। पुलिस ने रामदास पुत्र सेठू की तहरीर पर रामचंद्र पक्ष के छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह का कहना है कि आरोप मिथ्या है। तहरीर आते ही दूसरे पक्ष की रिपोर्ट भी दर्ज कर ली जाएगी। नाली में कढ़ी बिखरने को लेकर विवाद हुआ था।