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राकेश अरोड़ा हत्याकांड का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार

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सहारनपुर। दूध व्यापारी राकेश अरोड़ा हत्याकांड का 11 माह बाद पुलिस ने खुलासा कर दिया है। कब्रिस्तान की भूमि के लेनदेन को लेकर राकेश अरोड़ा की हत्या की गई थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में बसपा नेता सालिम के बेटे तथा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 6 के सदस्य जहांगीर को गिरफ्तार कर लिया है।
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रामपुर मनिहारन के दूध कारोबारी सहारनपुर के मोहल्ला पुराना डीएसओ कंपाउंड निवासी राकेश अरोड़ा की 30 जनवरी 2017 की शाम को रामपुर मनिहारन से सहारनपुर आते समय दिल्ली रोड स्थित चुन्हैटी फाटक से अपहरण कर एक बाग में ले जाकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। 29 दिसंबर को पुलिस ने राकेश अरोड़ा की हत्या के आरोप में रामपुर मनिहारान के बसपा नेता सालिम के पुत्र तथा वार्ड संख्या 6 से नगर पंचायत सदस्य जहांगीर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार जहांगीर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर राकेश अरोड़ा की गला रेत कर हत्या की थी। रामपुर थाना प्रभारी एसके राणा ने बताया कि राकेश अरोड़ा हत्याकांड एवं 9 मई को हुए बवाल के मामले में जहांगीर को क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

--। कब्रिस्तान की 50 लाख की भूमि के लिए की गई हत्या
पुलिस के अनुसार राकेश अरोड़ा की हत्या लगभग 50 लाख रुपये की भूमि के लिए की गई। राकेश अरोड़ा ने कब्रिस्तान के निकट की भूमि खरीदी थी, लेकिन यह भूमि विवाद में फंस गई। कोई न कोई इस भूमि को लेकर शिकायत करता रहता था। पुलिस के अनुसार सालिम का भी दूध का कारोबार है। वह अन्य जिलों में दूध की सप्लाई के साथ राकेश अरोड़ा को भी दूध की सप्लाई करता था। विवादों से परेशान होकर राकेश अरोड़ा ने सालिम को भी इस भूमि में साझीदार बना लिया। विवाद के सभी खर्च राकेश अरोड़ा करता रहा। इसी दौरान जमीन बेचने वाले ने बैनामा के लिए दबाव बनाया। तो सालिम ने अपने दोनों बेटों साकिर और जहांगीर के नाम बैनामा करा दिया। उसी समय से विवाद शुरू हो गया। सालिम और राकेश अरोड़ा के बीच कई बार पंचायत की गई। कैराना में एक नेता के यहां भी पंचायत हुई। फिर राकेश अरोड़ा के रामपुर मनिहारन स्थित दूध के प्लांट पर भी पंचायत हुई। जहां सालिम और राकेश अरोड़ा आपस में भिड़ गए। पुलिस के अनुसार राकेश अरोड़ा ने सालिम को काफी बेइज्जत किया। जिस पर सालिम का बेटा जहांगीर तैस में आ गया। 30 जनवरी की शाम को जब राकेश अरोड़ा सहारनपुर लौट रहे थे। रास्ते में जहांगीर ने अपने दो साथियों के साथ राकेश अरोड़ा से लिफ्ट मांगी और खुद ही कार चलाने के लिए बैठ गया। जहांगीर के दो साथी पीछे बैठ गए। चुन्हैटी फाटक पर अचानक पीछे बैठे दोनों साथियों ने राकेश अरोड़ा का गला रेत दिया। वहीं से जहांगीर ने कार मोड़ी और बाग में ले जाकर खड़ी कर दी।
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--। सहारनपुर दंगे में भी आरोपी है जहांगीर
थाना प्रभारी एसके राणा ने बताया कि 9 मई 2017 को दिल्ली रोड पर भीम आर्मी कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस की गाड़ी पर किए गए पथराव, फायरिंग, रोडवेज बस में आगजनी व तोड़फोड़ की घटना में जहांगीर भी शामिल था। उसके खिलाफ रामपुर मनिहारान थाने पर धारा 147, 48, 49, 307, 332, 336, 341, 353, 427, 504 के तहत रिपोर्ट दर्ज है।
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--। जहांगीर की गिरफ्तार पर आधी रात तक होता रहा हंगामा
जंहागीर की पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद 29 दिसबंर की आधी रात थाने पर हुए हंगामा होता रहा। जहांगीर के परिजनों ने पुलिस पर जहांगीर को गुम करने का आरोप लगाया। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने थाने से ही जहांगीर को गुपचुप ढंग से गिरफ्तार कर किसी गुमनाम स्थान पर रखा है।
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--। 11 माह बाद मिली पुलिस को सफलता
दूध कारोबारी राकेश अरोड़ा हत्याकांड 30 जनवरी 2017 को हुआ था। इस हत्याकांड के खुलासे में क्राइम ब्रांच, एसआईटी एवं रामपुर मनिहारान पुलिस की टीमें लगी रहीं। लेकिन कोई सफलता नहीं मिल पाई। 11 माह बाद पुलिस को सफलता मिल सकी।
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