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पेपर मिल में पीएफ के नाम पर लाखों का गोलमाल

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पेपर मिल में पीएफ के नाम पर लाखों का गोलमाल
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सहारनपुर। स्टार पेपर मिल में पीएफ के नाम पर लाखों का गोलमाल सामने आया है। पेपर मिल के कुछ कर्मचारियों के पीएफ का पैसा फर्जीवाड़ा कर उन्हीं के नाम वाले कुछ लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। मिल के ही एक लिपिक की मिलीभगत से यह सब किया गया। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
स्टार पेपर मिल में काम करने वाले पवन निवासी परागपुर, जगदीश निवासी परागपुर, मुनेश निवासी सरूरपुर, सरसावा पेपर मिल के ठेकेदार जसवीर के अधीन कार्य कर रहे हैं। इनके वेतन से पीएफ कटवाया जा रहा था। लेकिन खातों में नहीं आ रहा था। शक होने पर भविष्य निधि विभाग में शिकायत की गई। इसकी जांच में कर्मचारियों के नाम वाले खाते तो पाए गए मगर वेतन खाता और पीएफ खाता संख्या अलग-अलग रहे। इससे फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।
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पुलिस के मुताबिक यह मामला सामने आने पर भविष्य निधि सहायक मेरठ एसपी त्यागी ने धोखाधड़ी से पीएफ की धनराशि हड़पने के आरोप में थाना मेडिकल, मेरठ में आरोपी जसवीर सिंह, राकेश कुमार वर्मा, पवन, जगदीश एवं गुलफाम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन घटना स्थल सहारनपुर का होने के कारण यह मामला 15 अगस्त 2017 को सहारनपुर कोतवाली में स्थानांतरित हो गया।
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एसएसपी बबलू कुमार के मुताबिक मिल में काम करने वाले पवन, जगदीश और मुनेश के पीएफ के 4,81,006 रुपये फर्जी कागजात बनाकर ठेकेदार जसवीर ने कलर्क राकेश कुमार वर्मा की मिलीभगत दूसरे खातों में ट्रांसफर कराए। ये खाते इन लोगों के परिचितों और कर्मचारियों के नाम वालों के ही रहे। पुलिस ने पेपर मिल के एचआर में तैनात क्लर्क राकेश कुमार वर्मा निवासी ज्ञान विहार कालोनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि अभी यह जांच की जा रही है कि अन्य कर्मचारियों के पीएफ जमा करने के मामले में किसी तरह का गोलमाल तो नहीं हुआ है। इसके अलावा इस गोलमाल में और कितने लोग जुड़े हैं। इसकी जांच कराई जा रही है।
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