देवबंद (सहारनपुर)। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर स्थित प्राचीन श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में शरारती तत्वों ने मंगलवार की रात्रि भगवान सैन बाबा की मूर्ति खंडित कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। घटना को लेकर हिंदू संगठनों में रोष फैल गया। वहीं प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नई मूर्ति लगवाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
पुजारी जयभगवान ने बुधवार की सुबह करीब 5.15 बजे मंदिर पहुंचे तो उन्होंने ताले व दरवाजे टूटे तथा भगवान सैन बाबा की मूर्ति को खंडित अवस्था में बाहर पड़े देखा। जिसके बाद पुुजारी ने इसकी सूचना मंदिर के केयर टेकर राजेंद्र कुमार टंडन को दी। वहीं, मंदिर में मूर्ति खंडित होने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मंच गया। एसडीएम रामविलास यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी सिद्धार्थ सिंह और कोतवाल पंकज त्यागी पुलिस बल के साथ मंदिर में पहुंचे तथा पुजारी समेत अन्य लोगों से घटना की जानकारी ली। इसी दौरान भाजपा समेत अन्य हिंदू संगठनों के लोग भी वहां पहुंच गए। अधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नई मूर्ति लाने के लिए पुलिसकर्मियों को हरिद्वार के लिए रवाना कर दिया। बाला सुंदरी मंदिर के पुजारियों ने बताया कि पिछले करीब एक महीने के दौरान मंदिर में यह पांचवीं चोरी की घटना है। इससे पहले माता के मंदिर की दीवार में सेंधमारी कर ताले तोड़ने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं संस्कृत महाविद्यालय में 38 हजार रुपये चोरी किए गए, लेकिन पुलिस प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। विधायक ब्रजेश सिंह, श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा, पंडित हर्षुल शर्मा, गौरव उपाध्याय, विकास उपाध्याय, सचिन, धर्मेंद्र, विवेक शर्मा, संदीप शर्मा, राजेंद्र त्यागी आदि ने प्रशासन से मूर्ति खंडित करने वाले शरारती तत्वों का चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मंदिर परिसर में पुलिस पिकेट की व्यवस्था कराने की मांग भी की गई। एसडीएम रामविलास यादव ने बताया कि नई मूर्ति लाने के लिए एक टीम हरिद्वार भेजी गई है। मूर्ति आने के बाद विधिवत उसकी स्थापना कराई जाएगी। सीओ सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने मूर्ति को खंडित किया उनकी पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।