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कप्तान के बंगले के बाहर नहीं हुई थी कार पर फायरिंग

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सहारनपुर। एसएसपी आवास के सामने चार माह पहले भूमाफिया सुशील कुमार गाबा की पत्नी की कार पर फायरिंग की बात झूठ साबित हुई है। आगरा प्रयोगशाला की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट ने पूरी साजिश की पोल खोल दी है। कार पर मिले दोनों निशान परीक्षण में गोली के नहीं पाए गए है। बारूद का एक भी कण नहीं मिलने के बाद पुलिस अब मुकदमे को खारिज कर शिकायतकर्ता के खिलाफ झूठी सूचना देने के आरोप में कार्रवाई की तैयारी में है।
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एसएसपी आवास के सामने कार पर कथित रूप से फायरिंग की यह घटना नौ मार्च 2018 की दर्शाई गई थी। शहर के प्रेम वाटिका निवासी भूमाफिया करोड़ों रुपये के भूमि घोटाले के मामले में सुशील कुमार गाबा उस समय कारागार में बंद था। गाबा की पत्नी नमिता गाबा ने अभियोग दर्ज कराया था कि वह जेल में बंद पति गाबा से मिलने के बाद कार से लौट रही थी। कार को चालक राकेश निवासी शारदा नगर चला रहा था। आरोप लगाया था कि एसएसपी आवास के सामने अज्ञात लोगों ने जान से मारने की नीयत से कार पर फायरिंग कर दी। पीछे से दो गोली कार के अंदर घुसी थीं, जिसमें वह बाल-बाल बच गई थी। नमिता गाबा का कहना था कि जनकपुरी कोतवाली में घुसकर उन्होंने अपनी जान बचाई थी।
कप्तान के आवास के सामने फायरिंग की खबर से पुलिस में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी थी। एसएसपी आवास के संतरी के अलावा आसपास के लोगों के बयान लिए गए थे, मगर किसी ने गोलियां चलने की आवाज सुनने की पुष्टि नहीं की थी। पुलिस ने फोरेंसिक जांच को कार के पार्ट्स के बजाए पूरी कार आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला को भेज दी थी, ताकि किसी तरह के शक की गुंजाइश न रहे। प्रयोगशाला की जो रिपोर्ट आई, उसने फायरिंग की साजिश को तार-तार कर दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कार में जो दो निशान पाए गए हैं, वो गोलियों के नहीं हैं। वहां पर बारूद का एक भी कण नहीं मिला। बहुचर्चित मामले में विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस अधिकारी उत्साहित हैं।
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-- नमिता के खिलाफ होगी कार्रवाई
आगरा प्रयोगशाला की रिपोर्ट में भूमाफिया सुशील गाबा की पत्नी की कार पर फायरिंग की बात झूठ साबित हुई है। घटनास्थल पर भी फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई है। जाहिर है कि पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी एफआईआर दर्ज कराई थी। फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा निरस्त कर शिकायतकर्ता के खिलाफ 182 के तहत रिपोर्ट न्यायालय को प्रेषित की जा रही है।
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-- मुकेश मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक द्वितीय
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