सहारनपुर। भीम आर्मी जिलाध्यक्ष के भाई की मौत के मामले में पुलिस ने वीडियो के आधार पर जो सवाल उठाए हैं, उसे साबित करना चुनौती है। पूरे घटनाक्रम पर मंथन के लिए मुरादाबाद से विशेष फोरेंसिक टीम यहां पहुंच गई है, जो वीडियो की कहानी को फोरेंसिक साक्ष्यों से पुष्ट करने का प्रयास करेगी।
रामनगर में सचिन वालिया की गोली लगने से हुई मौत को परिजनों ने हत्या बताया था। पुलिस ने एक वीडियो के आधार पर उसे खारिज कर दिया था। वीडियो को आधार बनाकर पुलिस ने साफ तौर से कहा था कि सचिन वालिया को गोली संदिग्ध परिस्थितियों में लगी है। डीएम और एसएसपी की मौजूदगी में बुधवार को सड़क पर साक्ष्य उठाने के साथ कमल वालिया के कमरे की भी बारीकी से तलाशी ली गई थी। ऐसे में पुलिस के सामने सचिन वालिया की मौत की कहानी को पुष्ट करने की चुनौती है। मसलन सचिन को गोली कहां और कैसे लगी, घटनास्थल कहां है और उस समय सचिन के साथ कौन था। हथियार कहां से और कौन लाया। इन तमाम सवालों के जवाब पुलिस को देने हैं। इसी लिहाज से मुरादाबाद से विशेष फोरेंसिक टीम को बुलाकर पूरी कहानी को साबित करने की जिम्मेदारी दी गई है। बृहस्पतिवार को टीम ने जांच शुरू कर दी है।
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मुरादाबाद से आई फोरेंसिक टीम ने अपनी जांच पड़ताल शुरू कर दी है। फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के पास अपुष्ट काफी जानकारियां हैं, जिसे पुष्ट करने की कार्रवाई चल रही है।---------बबलू कुुमार, एसएसपी