वीडियो बनाने वाले पर गुस्सा उतार रही पुलिस, पान की दुकान को हुक्का बार बताकर की कार्रवाई
सहारनपुर। सड़क पर तड़प रहे किशोरों को अपनी गाड़ी में अस्पताल ले जाने से इंकार करने वाले तीन पुलिसकर्मियों का वीडियो बनाकर वायरल करने वाले युवक जावेद पर अब पुलिस का गुस्सा उतरना शुरू हो गया है। तीनों पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई के बाद पुलिस अधिकारियों ने वीडियो बनाने वाले युवक की पान की दुकान को हुक्का बार बताकर कार्रवाई कर दी। उसके भाई की दुकान से मोटरसाइकिल उठाकर सीज कर दी। उसकी दुकान के आसपास कर्फ्यू जैसा माहौल बना डाला।
तड़पते किशोरों को अस्पताल ले जाने की बजाय सड़क पर ही मरने के लिए छोड़ने वाला पुलिस का चेहरा सामने आने के बाद अब पुलिस का एक और चेहरा सामने आ रहा है। घायलों को अस्पताल ले जाने से इंकार करने वाले साथी पुलिसकर्मियों कार्रवाई करनी पड़ी तो पुलिस भी झल्ला उठी। पुलिसकर्मियों का वीडियो बनाने वाले मोहल्ला मंगल नगर में पान की दुकान करने वाले जावेद की दुकान पर रविवार की रात को पुलिस ने छापा मार दिया और पान की दुकान में अवैध रूप से हुक्का बार चलाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई कर डाली। पुलिस ने पान की दुकान को बंद करा दिया। साथ ही जावेद को बार-बार थाना में हाजिर होने के लिए निर्देश दिए। पुलिस को हुक्का बार चलने का पता क्या घटना के बाद ही चला।
यही नहीं जब जावेद थाना पहुंचा तो उसकी बाइक को सीज कर दिया गया। पान की दुकान के पास ही जावेद के भाई की बाइक रिपेयरिंग की दुकान है। वहां पर एक बाइक रिपेयरिंग के लिए पहुंची थी, उसी समय पुलिस पहुंची और बाइक को रिक्शे में रखवाकर थाना ले जाकर सीज कर दिया गया। बाइक ठीक कराने के लिए दुकान पर लोगों का जाना बंद हो गया। पान की दुकान भी बंद हो गई। रात दिन बार-बार पुलिस ने उसके घर पर चक्कर लगाने शुरू कर दिए, जिससे उसका परिवार भी परेशान हो उठा।
जावेद ने आरोप लगाया है कि पुलिस अब पूरे मामले का गुस्सा उस पर उतार रही है। उससे कहा जा रहा है कि पुलिस की वीडियो बनाई है तो भुगतना ही पड़ेगा। पुलिस अधिकारी भी जावेद को बार-बार बुला रहे हैं और पूरा दिन थाना में बैठाया जा रहा है।
इस मामले में नगर पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि पान की दुकान में जावेद हुक्का बार चला रहा था। जिस कारण उस पर कार्रवाई की गई है। मोटरसाइकिल को देहरादून चौक पर पकड़ा गया। उस पर मोटरसाइकिल के कागज नहीं मिले थे। जिस कारण उसका चालान कर दिया गया है। बेवजह किसी का उत्पीड़न नहीं किया जा रहा है।