सहारनपुर। निकाय चुनाव में मतदाताओं को रिझाने के लिए जुटे राजनीति दल और उनके समर्थकों से नकली नोटों के सौदागर और शराब तस्कर संपर्क साधने लगे हैं। हरियाणा और उत्तराखंड की सीमा से चुनावों में तस्कर सक्रिय होने लगे हैं। उधर, पुलिस अब तक इन पर शिकंजा कस पाने में नाकाम है। हालांकि बेहट में नकली नोटों की बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद पुलिस जरुर अलर्ट होने लगी है।
निकाय चुनावों में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए कैश, शराब और अन्य चीजों की मांग बढ़ने लगी है। सबसे बड़ी बात यह है कि हरियाणा और उत्तराखंड की सीमा से सटे क्षेत्रों में चुनाव के चलते यह तस्करी आसानी से हो रही है। यहां बता दें कि पंचायत चुनाव के वक्त तत्कालीन डीजीपी जगमोहन यादव ने पुलिस को फटकार लगाई थी और स्वीकार किया था कि सहारनपुर के रास्ते पूरे यूपी में शराब की तस्करी होती है। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि निकाय चुनाव में यह तस्करी बढ़ गई है। उधर, आबकारी विभाग महज खानापूर्ति कर कागजी कार्रवाई में जुटा है। यही कारण है कि शराब तस्कर अब तक पुलिस पकड़ से दूर हैं।
नकली नोटों के सौदागर भी सक्रिय
बेहट में नकली नोट के जरिए सोना खरीदने पहुंचे दो आरोपियों में एक फरार हो गया। इस पूरी घटना से यह आशंका जाहिर की जा रही है कि चुनाव में नकली नोट के सौदागर सक्रिय होकर गड़बड़ी कर सकते हैं।
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शराब तस्करी और नकली नोटों सहित ऐसी किसी भी आशंका को ध्यान में रखते हुए पुलिस को अलर्ट किया गया है। हमारी टीमें लगातार नजर बनाए हुए है।
बबलू कुमार, एसएसपी