सहारनपुर। अधिवक्ता दिग्विजय सिंह राणा और उनके मुंशी विकास कुमार को पहले तो हत्यारोपी प्रवीण और उसके साथियों ने शराब पिलाया उसके बाद गंग नहर में ले जाकर दोनों को धक्का दे दिया। धक्का देकर उसने ही शोर मचा दिया कि दो युवक पानी में डूब गए।
मोहल्ला कपिल विहार निवासी प्रवीण प्रजापति अधिवक्ता दिग्विजय सिंह राणा का ही मुवक्किल था। जब दिग्विजय सिंह राणा अपने मुंशी के साथ एक मामले की तारीख पर रुड़की जा रहा था तो इसका प्रवीण को पता चल गया। पुलिस के अनुसार तुरंत ही प्रवीण दोनों के पीछे-पीछे रुड़की पहुंच गया। उसने अपने दो रिश्तेदारों को भी षड्यंत्र में शामिल किया और अपने साथ ले बया। फिर बहाने से दिग्विजय सिंह को फोन करके पूछा कि वह कहां हैं ? तथा अनजान बनते हुए बताया कि वह भी किसी काम से रुड़की आया हुआ है। दोनों की बातचीत होने के बाद प्रवीण अपने दोनों साथियों को लेकर दिग्विजय सिंह से मिलने के लिए रुड़की में कोर्ट में पहुंच गया। वहां से प्रवीण ने ही कुछ देर एंज्वॉय करने का प्रस्ताव रखा तो दिग्विजय सिंह और मुंशी विकास कुमार मान गए। उन्होंने अच्छी जगह बैठने के लिए कहा और खुद ही बता दिया कि गंग नहर पर अच्छा मौसम है, वहीं बैठेंगे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने गंगनहर के किनारे बैठकर शराब पी और जब दिग्विजय सिंह राणा तथा विकास पूरी तरह से नशे में हो गए तो पानी का नजारा दिखाने के बहाने प्रवीण उन्हें और किनारे पर ले गया तथा दोनों को एक साथ धक्का दे दिया। दोनों को धक्का देते ही खुद ही शोर मचा दिया कि दो व्यक्ति पानी में डूब रहे हैं कोई उन्हें बचाओ। प्रवीण को पता था कि जिस जगह पर उसने धक्का दिया है, उस जगह पर गहराई और बहाव इतना तेज है कि वहां से बच पाना नामुमकिन है। लोग उन्हें देखने में लगे रहे और प्रवीण अपने साथियों के साथ वहां से चला गया।