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दो दिन से लापता व्यक्ति का शव मिला

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दो दिन से लापता व्यक्ति का शव मिला
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सहारनपुर। ग्राम नल्हेड़ा बक्काल भाऊपुर से दो दिन पूर्व लापता हुए व्यक्ति का शव गांव के ही निकट रेलवे लाइन से बरामद हुआ। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से शिकायत की। परिजनों ने थाना प्रभारी पर अभद्रता का आरोप लगाया और शव को लेकर पुलिस लाइन पहुंच गए। बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर लोग शांत हुए।
कुतुबशेर थाना क्षेत्र के ग्राम नल्हेड़ा बक्काल भाऊपुर निवासी रणधीर सिंह (42 वर्ष) पुत्र राम सिंह अपने घर से दो दिन से लापता था। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। रणधीर सिंह के भाई मेलाराम ने आरोप लगाया कि रणधीर पर एक महिला और उसके साथी कुछ दिनों से पैसे वसूलने के लिए दबाव बना रहे थे। साथ ही उसको जान से मारने की धमकी दी जा रही थी जिससे रणधीर मानसिक रूप से परेशान हो गया था। दो दिन से घर नहीं पहुंचा तो पुलिस को सूचना दी गई। छह जून की रात लगभग सवा आठ बजे रणधीर का फोन उसके भांजे दिनेश के पाया आया। रणधीर ने फोन पर बताया कि उसे आरोपी महिला और उसके साथी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। कह रहे हैं कि उसकी हत्या कर लाश को रेलवे पटरी पर रख देंगे। उसके बाद से उसका फोन नहीं आया। शुक्रवार सुबह रणधीर का शव रेलवे पटरी पर मिला।
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मेलाराम ने बताया कि शव से कुछ दूरी पर ही खून से सनी तीन चप्पलें भी मिलीं हैं। आरोप लगाया कि इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को तो पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया लेकिन हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय उसे आत्महत्या बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुतुबशेर थाना प्रभारी ने उनके साथ अभद्रता की, उनकी रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर दिया। उन्हें अपशब्द भी कहे। आक्रोशित लोग शव को ट्रैक्टर-ट्राली में लेकर एसएसपी से शिकायत करने के लिए पुलिस लाइन पहुंचे। लोगों के पुलिस लाइन पहुंचने की सूचना मिलते ही कुतुबशेर थाना के वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजीव कुमार एवं अन्य लोग भी पहुंच गए और लोगों को किसी प्रकार समझाबुझा कर शांत किया। उन्हें रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद शव को परिजन गांव ले गए।
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थानाध्यक्ष ने अभद्रता के आरोप को निराधार बताया
कुतुबशेर थाना प्रभारी अभिषेक सिरोही का कहना है कि उन पर अभद्रता करने का आरोप निराधार है। उन्होंने जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कहा है। यही नहीं पुलिस ने महिला को हिरासत में भी ले लिया है। लेकिन लोग बिना जांच के ही आरोपी महिला को जेल भेजने की मांग कर रहे थे। जिसके लिए उन्होंने मना कर दिया था।
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