फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब शासन की टीम भी करेगी 58 लाख के गबन की जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
अब शासन की टीम भी करेगी 58 लाख के गबन की जांच
विज्ञापन

सहारनपुर। मदरसे के नाम पर 58 लाख रुपये के गबन के मामले में अब शासन स्तर पर लखनऊ की टीम भी जिले में आकर जांच करेगी। इसके बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी। इससे पहले मंडलायुक्त के निर्देश पर अल्पसंख्यक विभाग ने जांच की थी और इसमें मदरसे का संचालन फर्जी पाया गया था। इसके बाद जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। अब शासन की टीम के जांच करने से कुछ विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मुश्किल में पड़ सकते हैं।
बता दें कि बेहट क्षेत्र के बादशाही बाग में कादरिया उल उलमा एंग्लो मदरसा संचालित होना दिखाया गया था। इसमें बच्चों का दाखिला और हॉस्टल होना भी बताया गया। शिकायत पर जांच हुई तो मदरसा कागजों में चलता मिला। जिस व्यक्ति के नाम यह मदरसा संचालित हो रहा था, उसने उच्चाधिकारियों को शपथ पत्र देकर बताया कि वर्ष 2012 में मदरसा बंद कर दिया था। लेकिन इसके बाद भी कागजों में मदरसा संचालित रहा। वर्ष 2016 और 2017 में छात्रवृत्ति के नाम पर सरकार से प्राप्त 58 लाख रुपये विभिन्न खातों के माध्यम से हड़प लिए गए।
विज्ञापन

विभागीय सूत्र बताते हैं कि इसमें तत्कालीन विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आ चुकी है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने इसका जांच रिपोर्ट में उल्लेख भी किया गया है। इसलिए रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया और गोपनीय रूप से शासन को भेज दी गई है। जांच में चार से पांच लोगों के नामों का भी उल्लेख किया गया है, जिन्होंने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर सरकारी धन की बंदरबांट की।
उधर, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शरद कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि जिलाधिकारी को अवगत कराकर जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जल्द लखनऊ से टीम आकर इस पूरे मामले की जांच करेगी। इसके बाद ही आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। यह साफ हो चुका कि घोटाला मिलीभगत से किया गया है।
विज्ञापन

46 और मदरसों की जांच शुरू
सहारनपुर। मदरसों के जरिए घोटाला करने की शिकायतें लगातार विभाग को मिलती रही हैं। पहले भी कई मदरसे जांच के दायरे में आ चुके हैं। इनमें से कई को ब्लैकलिस्ट भी किया गया था। हाल ही में 46 मदरसों में फर्जीवाड़ा होने की शिकायत मिली है। इसमें बताया गया है कि यदि इन मदरसों की छात्रवृत्ति और छात्र-छात्राओं की जांच की जाए तो इन संस्थानों में भी बड़ा घोटाला सामने आएगा। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का कहना है कि इन मदरसों की जांच शुरू कर दी गई है। इनमें पांच से छह मदरसों में फर्जीवाड़ा होने का अंदेशा है। जांच पूरी होने पर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें