बेहट (सहारनपुर)। प्रतिबंध के बावजूद यमुना नदी में अवैध खनन धड़ल्ले से हो रहा है। शनिवार को खनन माफिया के दो गुट कोतवाली के गेट के सामने ही आपस में भिड़ गए। एक गुट दूसरे गुट के लोगों पर उनकी खनिज से लदी ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़वाने का आरोप लगा रहा था। इस गुट के लोगों ने दूसरे गुट के लोगों की खनिज से लदी ट्रैक्टर-ट्रालियों को भी कोतवाली के सामने रुकवा ली। बाहर सड़क पर हंगामा होता देख पुलिस ने रोकी गई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सरकारी परमिशन होनी बता कर वहां से निकलवा दिया।
कोतवाली पुलिस ने सुबह गंदेवड़ तिराहे से खनिज से भरी तीन ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़ा था। दो चालक भी मौके से गिरफ्तार किए गए थे। इसका पता चलने पर ट्रैक्टर ट्रालियों से खनिज का परिवहन करा रहे माफिया के आठ-दस लोग कोतवाली के गेट पर पहुंच गए और यहां खनिज लेकर जा रही ट्रैक्टर ट्रालियों को रोक लिया। ट्रैक्टर-ट्रालियों को रोकने पर खनन माफियाओं के दो गुट आपस में भिड़ गए। पहले वाले गुट के लोग दूसरे गुट के लोगों पर उनकी ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़वाने का आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था, कि जब पुलिस ने उनकी ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़ लिया, तो और लोगों की ट्रैक्टर-ट्रालियां क्यों निकल रही हैं। कोतवाली के गेट पर हो रहे हंगामे को सुनकर पुलिसकर्मी दौड़ कर बाहर आए और रोकी गई ट्रैक्टर-ट्रालियों को यह कहते हुए निकलवा दिया, कि यह सरकारी परमिशन पर आ रही हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक छोटे सिंह का कहना है कि कोतवाली के गेट पर रोकी ट्रैक्टर-ट्रालियां परमिशन पर जा रही थी, जबकि सुबह गंदेवड़ से पकड़ी गई ट्रैक्टर-ट्रालियां अवैध रूप से खनिज लेकर जा रही थीं। बता दें कि यमुना नदी के नानोली, बरथा, कोठड़ा आदि घाट पर रात के समय जेसीबी एवं पोकलैन मशीनों से बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है।
बेहट। पुलिस ने गंदेवड़ तिराहे से पकड़ी गई खनिज से भरी तीन ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़ने के बाद सीज कर दिया और पकड़े गए उनके चालकों के खिलाफ एजाज पुत्र इरशाद, महताब पुत्र इरशाद, मीर आलम पुत्र राशिद निवासी ग्राम लोदीपुर के खिलाफ खनन अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इसके अलावा पुलिस ने एक ट्रैक्टर-ट्राली चालक मुर्सलीन पुत्र तासीन निवासी गांव तेलपुरा थाना बुग्गावाला (उत्तराखंड) की तरफ से अमीर आलम पुत्र राशिद एवं मुशरिक पुत्र मरगूब निवासी गांव लोदीपुर के खिलाफ खनिज से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियों को रोककर जबरन प्रति ट्रैक्टर एक हजार रुपये मांगने और खनिज न ले जाने देने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की है।