बंदी की फरारी में लापरवाही पर दो सिपाहियों को एक-एक साल की जेल
सहारनपुर। देवबंद से रुड़की जाते समय बंदी के फरार होने के मामले में कोर्ट ने 16 साल बाद दो सिपाहियों को लापरवाही का दोषी माना है। कोर्ट ने दोनों को एक-एक वर्ष का कारावास तथा दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहारनपुर के उप कारागार देवबंद से 19 दिसंबर 2002 को बंदी सुधीर कुमार उर्फ महकार को दो सिपाही ऋषिपाल सिंह निवासी चरथावल मुजफ्फरनगर और हरीश चंद्र निवासी हिम्मतनगर सहारनपुर, रुड़की एसीजेएम न्यायालय में पेशी पर ले गए थे। वापसी के समय देवबंद के पास गुर्जर वाली पुलिया पर बंदी सुधीर कुमार पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। पुलिसकर्मियों ने आरोपी का पीछा किया। लेकिन हाथ नहीं आया।
मामले की रिपोर्ट देवबंद कोतवाली पर उपनिरीक्षक एनबी पंत ने सुधीर कुमार, कांस्टेबल ऋषिपाल सिंह और हरीश चंद के खिलाफ दर्ज कराई थी। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी भूपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विवेचना के बाद तीनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
इस मामले में सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डाक्टर दीनानाथ ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कांस्टेबल ऋषिपाल सिंह और कांस्टेबल हरीश चंद को लापरवाही का दोषी माना। कोर्ट ने दोनों सिपाहियों को एक-एक वर्ष के कारावास और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।