सोशल मीडिया के जरिए संगठन को एकजुट करने में जुटी भीम आर्मी
सहारनपुर। हिंसा के आरोप में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर के जेल जाने के बाद अब संगठन की कमान उसके भाई और मां सहित अन्य लोगों ने संभाल ली है। कांग्रेस भीम आर्मी के प्रदर्शन को अंदरखाने समर्थन देने की कवायद में जुटी है। उधर, भीम आर्मी अब 18 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अपील का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर रही है। चंद्रशेखर के भाई कमल किशोर ने 24 सेकेंड का वीडियो शेयर किया है, जिसमें न्याय के लिए जंतर-मंतर पर पहुंचने की अपील है। उधर, कांग्रेस जंतर मंतर के प्रदर्शन में भी सक्रिय होने की कोशिश है। 18 जून को होने वाले प्रदर्शन में राहुल गांधी को मंच पर लाने की कवायद की जा रही है।
भीम आर्मी अब अपने वजूद के साथ ही संस्थापक चंद्रशेखर के लिए आंदोलन खड़ा करने की कोशिश में है। यही कारण है कि इस पूरे आंदोलन में भावनात्मक जुड़ाव के लिए चंद्रशेखर की मां और भाई को चेहरा बनाने की कोशिश की जा रही है। एक दिन पहले शेयर किए जा रहे चंद्रशेखर की मां कमलेश के वीडियो को हटा लिया गया है। उसकी जगह उसके भाई कमल किशोर का 24 सेकेंड का वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें न्याय के लिए जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की जा रही है। हालांकि इस वीडियो में चंद्रशेखर की मां भी दिखाई दे रही है। इससे अलग भीम आर्मी के समर्थन में खुलकर आई कांग्रेस अब 18 जून के प्रदर्शन को भी शह देने में जुटी है। उधर, सोशल मीडिया पर भी पोस्ट और वीडियो के जरिए समर्थन जुटाने की कोशिश जारी है। इसमें फेसबुक पर सहारनपुर के डीएम और एसएसपी के सीयूजी नंबर पर चंद्रशेखर को बेकसूर बताते हुए रिहाई का मैसेज भेजने का पोस्ट वायरल की गई है।
भीम आर्मी के हर मूवमेंट पर नजर
पुलिस भीम आर्मी और उससे जुड़े लोगों पर नजर जमाए हुए है। इसमें भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन और पदाधिकारी मंजीत नौिटियाल की भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है। दोनों पर 12-12 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है। जंतर-मंतर पर आयोजित किया गया प्रदर्शन बहुजन समता मंच के नेतृत्व में किया जा रहा है। इसमें पंजाब, हरियाणा से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा निगाहें संगठन भी पूरी सक्रियता के साथ आंदोलन में हिस्सा ले रही है। उधर, चंद्रशेखर की मां कमलेश का कहना है कि जंतर-मंतर में 18 जून को होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने जाऊंगी। यह हमारी ओर से आयोजित नहीं है। मैंने अपनी पीड़ा रखी थी तो विभिन्न संगठनों ने इसे आयोजित किया है।