हत्या का आरोप लगा शव के अंतिम संस्कार से इंकार
छुटमलपुर (सहारनपुर)।
संदिग्ध परिस्थितियों में घायल हुए युवक की पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान मौत होने के बाद परिजनों ने मृतक के साथी युवक पर हत्या का आरोप लगाते हुए अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया। करीब 24 घंटे तक शव गांव में घर पर रखा रहा। बाद में बिहारीगढ़ एसओ ने उचित कार्रवाई कराने का आश्वासन देकर शव का अंतिम संस्कार कराया।
बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के गांव औरंगाबाद निवासी 24 वर्षीय सोनी पुत्र श्रीपाल गांव के ही एक युवक के साथ छह जून को शादी समारोह में शामिल होने के लिए भगवानपुर क्षेत्र के गांव छाप्पुर में गया था। परिजनों का आरोप है कि देर शाम युवक सोनी को गंभीर हालत में घर छोड़ गया। इसके बाद परिजन उसे लेकर सहारनपुर अस्पताल गए। जहां से उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। वहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को लेकर सोमवार की शाम गांव पहुंचे और साथी युवक पर हत्या का आरोप लगाते हुए शव के अंतिम संस्कार से मना कर दिया। मंगलवार की दुपहर हंगामे की सूचना पर बिहारीगढ़ एसओ जितेंद्र कुमार गांव पहुंचे और समझा बुझाकर किसी तरह परिजनों को शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी किया। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। शाम के वक्त परिजनों ने हरिद्वार जिले के थाना भगवानपुर में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
एसओ भगवानपुर भगवान मेहर का कहना है कि मामले में 11 जून को मनोज पुत्र श्रीपाल की तहरीर पर सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया गया था। अब परिजनों ने फिर से दूसरी तहरीर दी है। इसकी जांच की जा रही है। चंडीगढ़ से मृतक की पीएम रिपोर्ट भी मंगाई जा रही है।