फिर शुरू हुई राकेश अरोड़ा हत्याकांड की जांच
सहारनपुर। दो साल पूर्व व्यापारी राकेश अरोड़ा की हत्या की विवेचना दोबारा शुरू हुई है। अभी इसकी विवेचना शामली के बाबरी थाना पुलिस के पास है। शनिवार को शामली के सीओ, बाबरी थाना प्रभारी और रामपुर मनिहारन थाना प्रभारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से जांच की।
गौरतलब है कि सहारनपुर डीएसओ कंपाउंड निवासी राकेश अरोड़ा रामपुर मनिहारान में पनीर का कारोबार करते थे। विगत 30 जनवरी 2017 को उनका शव रामपुर मनिहारन में ब्लाक कालोनी से आगे बाग से उन्हीं की कार में मिला था। सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में एक वर्ष तक जांच चली। सहारनपुर क्राइम ब्रांच ने वारदात का खुलासा कर आरोपी सालिम, जहांगीर, सादा और नौशाद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। चारों आरोपियों को जेल भेजे जाने के बाद सालिम की पत्नी इमराना ने अपर पुलिस महानिदेशक से मिलकर हत्याकांड में साजिश की बात बताई थी। एडीजी के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक शामली को इस हत्याकांड की दोबारा जांच के आदेश दिए थे।
अपर पुलिस अधीक्षक तथा क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर श्रीराम ने तफ्तीश कर शमशाद नाम के चश्मदीद के बयान के आधार पर चारों आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी। साथ ही इकबाल, मुर्तजा, मुस्तफा, मुर्शीद को हत्याकांड में आरोपी बनाया था। वहीं, आरोपी पक्ष ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर गिरफ्तारी पर स्टे प्राप्त कर लिया था। इसके बाद हत्याकांड की दोबारा विवेचना की मांग पर शामली के बाबरी थाना प्रभारी नेमचंद सिंह को सौंपी गई।
उधर, शनिवार रात करीब साढे़ नौ बजे रामपुर मनिहारान थाने पर पहुंचे सीओ राजेश तिवारी, बाबरी थाना प्रभारी नेमचंद सिंह ने रामपुर मनिहारान कोतवाली प्रभारी बबलू सिंह वर्मा को साथ लेकर घटनास्थल का जायजा लिया। वहां हत्याकांड का क्राइम सीन बनाया गया। नए सिरे से हत्याकांड की तफ्तीश शुरू कर दी गई है। बाबरी थाना प्रभारी ने बताया कि गहनता से जांच की जा रही है और गवाहों के बयान का भी विश्लेषण किया जा रहा है।