फर्जी चेक से सरकारी खाते से उड़ा लिए दो करोड़ 66 लाख
सहारनपुर। हाई लेवल सिक्योरिटी प्रिंट चेक के जरिए विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के सरकारी खाते से करीब दो करोड़ 66 लाख रुपये निजी खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण देहरादून की ओर से मुजफ्फरनगर-हरिद्वार मार्ग पर जमीन अधिग्रहण के लिए भुगतान किए जाने वाले खाते से यह फर्जीवाड़ा किया गया। चार फर्जी चेक के जरिए मालेगांव, बेलगांव, नासिक और जयपुर के विभिन्न बैंक से यह धनराशि निकाली गई है।
फर्जी चेक के जरिए पैसा स्थानांतरित करने वाला यह गैंग पहले भी ऐसे फर्जीवाड़ा कर पुलिस के निशाने पर है। सबसे अहम बात यह है कि जिन चेक के जरिए बैंक से भुगतान किया गया है, वे चेक संख्या विशेष अध्याप्ति अधिकारी के कार्यालय में हैं। इसके अलावा कुछ अन्य चेक भी व्यक्तिगत नाम से काटकर दूसरे जिलों में भुगतान के लिए प्रस्तुत कर दिया गया है। हालांकि सूचना मिलने के बाद उनके भुगतान को रुकवा दिया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण देहरादून की ओर से तैयार होने वाले मुजफ्फरनगर-हरिद्वार मार्ग के जमीन अधिग्रहण के लिए इंडसइंड बैंक मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी का खाता खोला गया था। इसके भुगतान के लिए विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय से बकायदा पत्र जारी किया जाता था। बैंक खातों से फर्जी तरीके से पैसा ट्रांसफर करने वाले गैंग ने पांच दिसंबर से लेकर 20 दिसंबर के बीच चार फर्जी चेक और पत्रों के माध्यम से करीब दो करोड़ 66 लाख रुपये निजी खातों में ट्रांसफर कर लिया। जिन चेक नंबर के जरिए यह भुगतान किया गया है, वे चेक संख्या विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के कार्यालय में मौजूद हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि हाई लेवल सिक्योरिटी प्रिंट चेक के जरिए यह फर्जीवाड़ा किया गया। बैंक अधिकारी ने जनवरी माह में इन ट्रांजेक्शन की जानकारी विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को दी तो यह खुलासा हुआ। फर्जी चेक पर फर्जी हस्ताक्षर के जरिए कुछ और चेक भी भुगतान के लिए व्यक्तिगत नामों से अलग-अलग जनपदों में लगाए गए थे। सिटी मजिस्ट्रेट और विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जानकारी होने पर सभी चेक के भुगतान रुकवा दिए गए हैं। जिन लोगों के खाते में यह ट्रांजेक्शन हुआ है उनमें दिव्यांग गांधी, पंकज सिंह, पारस पकवाना, पंकज जैन और पवन कुमार जैन हैं। इस गैंग ने पहले भी कई ऐसे फर्जीवाड़े किए हैं और पुलिस में वांछित हैं। इस पूरे प्रकरण की एफआईआर सदर थाने में दर्ज कराई जा रही है।
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15 दिन में चार ट्रांजेक्शन से हुआ फर्जीवाड़ा
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के खाते से पहला फर्जीवाड़ा पांच दिसंबर को हुआ। पत्र संख्या 369 और चेक संख्या 410488 के जरिए 65 लाख 87 हजार 538 रुपये ट्रांसफर किया गया। इसके बाद सात दिसंबर को चेक संख्या 410491 के जरिए 48 लाख 68 हजार 720 रुपये, 14 दिसंबर को चेक संख्या 410511 के जरिये 31 लाख 54 हजार 160 रुपये और 20 दिसंबर को चेक संख्या 410514 से एक करोड़ 20 लाख 65 हजार 548 रुपये फर्जी तरीके से निकाले गए।