सहारनपुर। जीआरपी इंस्पेक्टर ललित त्यागी और उसके साथी बड़ा हाथ मारने के चक्कर में इस बार पुलिस के शिकंजे में फंस गए। जबकि पुलिस जांच में पता चला है कि पहले भी ऐसी वारदातें इन लोगों द्वारा अंजाम दी गई, लेकिन उन वारदातों में किसी ने पुलिस से शिकायत नहीं की, जिससे इन आरोपियों का साहस बढ़ता गया।
नागल थाना के ग्राम उमाही में गेहूं व्यापारी के यहां डकैती डालने के मामले में पुुलिस जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि ललित त्यागी के साथी सिपाही और उसके मुखबिर ऐसे लोगों की तलाश में रहते थे, जो गलत काम करें अथवा नंबर दो से व्यापार करें, तुरंत उनसे संपर्क किया जाता था, उनको फंसाने की धमकी दी जाती थी। उसके बाद उससे पैसे की डिमांड की जाती थी। कुछ लोगों से एक बार में ही पैसे ले लिए जाते थे, जबकि कुछ लोगों में कई बार फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगे गए। डर के चलते कोई भी शिकायत करने की हिम्मत नहीं कर पाता था। इस बार बड़ा हाथ मारने के चक्कर में ललित फंस गया। बताया जा रहा है कि गेहूं के व्यापार में पलटेबाजी कर काफी रुपया कमाए जाने के बारे में जब बशीर खान को पता चला, तो उसने इंस्पेक्टर ललित त्यागी और उसकी टीम को बड़ा हाथ मारने के लिए तैयार कर लिया था। उसे बशीर से यह भी पता चला कि गेहूं व्यापारी मोहम्मद अख्तर के पास काफी पैसा रखा हुआ है।
अभी पकड़ में नहीं आए सिपाही
सहारनपुर। पुलिस की टीमें फरार आरोपी सिपाहियों रिंकू और शायर बेग तथा टैक्सी चालक की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दे रही है, लेकिन आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके। टीमों ने दोनों सिपाहियों के मूल निवास वाले स्थान पर निगरानी रखे हुए है। नागल थाना पुलिस एवं क्राइम ब्रांच की टीमें आगरा के अलावा बदायूं और अलीगढ़ में डेरा डाले हुए हैं।
गिरफ्तारी पर स्टे लेने के प्रयास की चर्चा
जीआरपी इंस्पेक्टर ललित त्यागी की गिरफ्तारी होने के बाद फरार दोनों सिपाही रिंकू और शायर बेग के गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट से स्टे लेने के प्रयास हो सकते हैं। इसकी संभावना पुलिस को भी है, जिसके चलते आरोपी सिपाहियों को दबोचने के लिए टीम लगी हुई हैं। पुलिस की एक टीम लखनऊ और प्रयागराज के लिए भी रवाना हो चुकी है।